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क्या है Mutual Fund Lite, जानिए निवेशकों को इसमें कैसे होता है फायदा?

Mutual Fund Lite ऐसे म्यूचुअल फंड्स के लिए एक आसान फ्रेमवर्क है, जो सिर्फ पैसिव स्कीम को मैनेज करेंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) म्यूचुअल फंड को बढ़ावा देने और बाजार में नए खिलाड़ियों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए म्यूचुअल फंड लाइट (Mutual Fund Lite) शुरू करने की तैयारी में है. बोर्ड की इस पहल से मार्केट की लिक्विडिटी में भी सुधार आने की संभावना है. इससे इन्वेस्टमेंट के नए मौके भी सामने आएंगे. तो चलिए जानते हैं क्या है एमएफ लाइट और इससे क्या फायदा होगा?

क्या है MF Lite?
एमएफ लाइट ऐसे म्यूचुअल फंड्स के लिए एक आसान फ्रेमवर्क है, जो सिर्फ पैसिव स्कीम को ही मैनेज करेंगे. जैसे इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड. एमएफ लाइट के तहत फंड हाउस जो सिर्फ पैसिव स्कीम पर ही फोकस करेंगे उन्हें नियमों के बोझ से राहत मिलेगी और उनकी लागत भी कम होगी.

इन्हें होगा फायदा 
म्यूचुअल फंड लाइट का उद्देश्य म्यचूअल फंड इंडस्ट्री में नयी एंटिटी (कंपनी) को आसान बनाना, नई कंपनियों को प्रोत्साहित करना, नियमों की जिम्मेदारी कम करना, निवेश बढ़ाना, मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाना,  इंवेस्टमेंट में डायवर्सिफिकेशन को सुविधाजनक बनाना और इनोवेशन को बढ़ावा देना है. नियमों को आसान किए जाने से इस स्पेस में कई ऐसे प्लेयर भी शामिल हो सकते हैं जो पहले एंट्री के मुश्किल होने की वजह से इस सेग्मेंट से दूर थे. इसके अलावा मौजूदा कंपनियां भी इसका फायदा उठा सकेंगी. 

कम लागत वाली पैसिव फंड स्कीम में निवेश का मौका
वहीं, मौजूदा एमएफ की पैसिव स्कीम और इनके साथ ही ऐसी स्कीम जो एमएफ लाइट रजिस्ट्रेशन के तहत लॉन्च की जा सकती हैं और इनके लिए नियमों को पालन करने में आसानी, डिस्क्लोजर और नियमों में राहत दी जाएगी. एमएफ लाइट की मदद से रिटेल निवेशकों को कम लागत वाली कई नई पैसिव फंड स्कीम में निवेश का मौका हासिल होगा. ऐसी कंपनियां अपने पैसिव फंड ऑपरेशन को एमएफ लाइट फ्रेमवर्क के तहत अलग कर सकेंगी. नए फ्रेमवर्क के तहत 2 अप्रोच अपनाए गए हैं, पहले के तहत एमएफ लाइट पंजीकरण के तहत केवल पैसिव स्कीम शुरू करने के इच्छुक एमएफ के लिए प्रवेश में आसानी और नियमों में राहत दी जाएगी इसे सेक्शन एक कहा गया है.

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