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1 अप्रैल से लागू होंगे ये नए टैक्स नियम, सैलरीड कर्मचारियों के लिए जानना है जरूरी
1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले ये टैक्स बदलाव आपकी सेविंग, इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्रभावित कर सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप हर साल टैक्स भरते हैं, तो आपके लिए इनकम टैक्स के नए नियमों (Income Tax New Rules 2025) को जानना जरूरी है. दरअसल सरकार ने इनकम टैक्स के नियमों में कई बदलावों (Income Tax Rule Change) की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे. इन बदलावों में से कई की घोषणा इस साल फरवरी में पेश किए गए केंद्रीय बजट (Union Budget 2025) में भी की गई थी.सरकार का मकसद आम आदमी के लिए इनकम टैक्स नियमों को आसान बनाना है.
बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मौजूदा टैक्स सिस्टम को आसान और प्रभावी बनाने के लिए कई अहम बदलावों की घोषणा की थी. नए नियमों से मिडिल क्लास और सैलरीड क्लास को काफी राहत मिलेगी. ये नए टैक्स नियम 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे हैं, जिसका असर आपके निवेश और टैक्स प्लानिंग पर पड़ेगा. इसलिए इनके बारे में आपको पता होना चाहिए.
FY 2025-26 में लागू होंगे ये बदलाव
• न्यू इनकम टैक्स स्लैब- न्यू टैक्स रिजीम के तहत फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए टैक्स स्लैब बदल जाएगा.अब 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को टैक्स से छूट मिलेगी. सैलरीड क्लास के लोग इसके साथ ही 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का बेनिफिट ले सकेंगे.
• सेक्शन 87A के तहत टैक्स रिबेट- न्यू टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्स पेयर्स को IT एक्ट के सेक्शन 87A के तहत रिबेट मिलेगी. इस सेक्शन के तहत टैक्स छूट को पहले के 25,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दिया गया है.
• अपडेटेड टैक्स रिटर्न- इस बजट में अपडेटेड टैक्स रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की डेडलाइन 12 महीने से बढ़ाकर 48 महीने कर दिया गया है. ये 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. इस बदलाव से टैक्सपेयर्स को भारी जुर्माना लगाए बिना टैक्स दायित्वों का पालन करने के लिए अधिक विस्तारित अवधि मिल जाएगी.
• TDS के नियमों में बदलाव- 1 अप्रैल से TDS में भी राहत मिलेगी. सरकार ने इसकी लिमिट बढ़ा दी है. इससे स्मॉल टैक्सपेयर्स को काफी राहत मिलेगी. वहीं, सीनियर सिटीजन के लिए इंटरेस्ट इनकम पर TDS लिमिट बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाएगी.
• TCS रेट में भी हुए चेंजेस- सरकार ने TCS के नियम भी बदले हैं. पहले 7 लाख रुपये से ज्यादा का अमाउंट भेजने पर TCS देना पड़ता था, लेकिन अब यह लिमिट बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है. इस असर फॉरिन ट्रिप, इंवेस्टमेंट समेत दूसरे ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा.
• स्टार्टअप में मिलेगी टैक्स छूट- 1 अप्रैल से स्टार्टअप में टैक्स छूट मिलेगी. सरकार ने 1 अप्रैल 2030 तक रजिस्टर्ड स्टार्टअप को सेक्शन 80-IAC के तहत तीन साल तक 100% टैक्स छूट दी है.
• सेक्शन 206 AB और 206CCA अब अतीत की बात- सरकार ने सेक्शन 206 AB और 206CCA को पूरी तरह से हटा दिया है. इससे 1 अप्रैल से टैक्स कटौती करने वालों और टैक्स कलेक्ट करने वालों को कम समस्याओं का सामना करना पड़ेगा.
• अब ULIP पर लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स- 1 अप्रैल से यूलीप यानी Unit Linked Insurance Plan पर कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स लगेगा.अगर किसी यूलीप का एनुअल प्रीमियम 2.5 लाख रुपये के 10% से ज्यादा है, तो उस पर कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स लगेगा.
• पार्टनर की सैलरी पर नई लिमिट तय- पार्टनरशिप फर्मों के लिए भी नियम बदले गए हैं. अब पार्टनर को दी जाने वाली सैलरी पर मैक्सिमम डिडक्शन लिमिट तय की गई है.
नए नियमों से टैक्स का बोझ होगा कम?
1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले ये टैक्स बदलाव आपकी सेविंग, इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए अगर आप इन सभी नए बदलावों को ध्यान में रखते हुए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की प्लानिंग करते हैं, तो आप अपने टैक्स का बर्डन यानी बोझ कम कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं.
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