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इन स्कीमों ने अपने इन्वेस्टर्स को किया मालामाल, दिए छप्परफाड़ रिटर्न्स!

तीन सालों की अवधि में सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स ने अपने इन्वेस्टर्स को अच्छे रिटर्न्स दिए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

 

पिछले तीन सालों में तीन इक्विटी स्कीमों ने 50% से ज्यादा के रिटर्न्स दिए हैं. इक्विटी म्युचुअल फंड्स का इस्तेमाल 5 से 7 सालों जितनी लम्बी अवधि वाले लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट्स के रूप में किया जाता है. लेकिन बहुत से इन्वेस्टर्स इन स्कीमों द्वारा तीन सालों में दिए गए रिटर्न्स पर ध्यान देते हैं. यहां तीन ऐसी इक्विटी स्कीमों को लिस्ट किया गया है जिन्होंने अपने इन्वेस्टर्स को पीछे तीन सालों के दौरान 53-62% जितने रिटर्न्स दिए हैं. 

इन फंड्स पर लगाये गए हैं सबसे ज्यादा पैसे
ये तीन स्कीमें स्मॉल कैप और सेक्टोरल/थीमेटिक केटेगरी से ली गयी हैं. तीन सालों की अवधि में सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स ने अपने इन्वेस्टर्स को अच्छे रिटर्न्स दिए हैं. AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया) द्वारा जारी किये गए डाटा की मानें तो मार्च 2023 में सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स में सबसे ज्यादा पैसे लगाए गए हैं. 

1.    Quant स्मॉल कैप फंड: Quant स्मॉल कैप फंड इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. इस स्मॉल कैप फंड ने अपने इन्वेस्टर्स को पिछले तीन सालों के दौरान 62.34% जितने रिटर्न्स दिए हैं. इस स्कीम को निफ्टी स्मॉलकैप 250-TRI के खिलाफ बेंचमार्क माना गया था. बेंचमार्क ने तीन सालों के दौरान 40.06% का रिटर्न दिया था. इस कैटेगरी ने अपने इन्वेस्टर्स को तीन सालों के दौरान 40.72% के औसत रिटर्न्स दिए हैं. 

2.    ICICI Prudential कमोडिटीज फंड: ICICI का यह फंड इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है. इस कमोडिटी फंड ने पिछले तीन सालों के दौरान अपने इन्वेस्टर्स को 53.81% के रिटर्न्स दिए हैं. इस स्कीम को निफ्टी कमोडिटीज – TRI के खिलाफ बेंचमार्क किया गया था. बेंचमार्क ने तीन सालों में 34.27% के रिटर्न्स दिए हैं. इस कैटेगरी ने पिछले तीन सालों के दौरान 26.71% के औसत रिटर्न्स दिए हैं.

3.    Quant इंफ्रास्ट्रक्चर फंड: Quant इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ने इस लिस्ट में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. इस इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम ने तीन सालों के दौरान 53.20% का रिटर्न दिया था. इस स्कीम को निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर – TRI के खिलाफ बेंचमार्क किया गया था. बेंचमार्क ने पिछले तीन सालों के दौरान 28.73% का रिटर्न दिया था. इस कैटेगरी ने पिछले तीन सालों के दौरान कुल 35.61% का रिटर्न दिया था. 

थोड़ा रिस्की है मामला 
ये तीनों स्कीमें बहुत ज्यादा रिस्की हैं. इसीलिए नए और कम अनुभव वाले इन्वेस्टर्स को इन स्मॉल कैप स्कीमों और इंफ्रास्ट्रक्चर या कमोडिटी जैसी सेक्टोरल/थीमेटिक स्कीमों में इन्वेस्ट करने का सुझाव नहीं दिया जाता है. यह स्कीमें बहुत ही रिस्की और अस्थिर होती हैं. अक्सर ही नए इन्वेस्टर्स किसी फेज या फिर साइकिल में फंस जाते हैं. लम्बे समय तक परेशानी से भरी साइकिल या फेज में फंसे रहने से कम अनुभव वाले नए इन्वेस्टर्स परेशान हो जाते हैं. अक्सर इन्वेस्टर्स या तो अपनी इन्वेस्टमेंट को छोड़ देते हैं या फिर उसे रोक लेते हैं. इसीलिए यह स्कीमें नए इन्वेस्टर्स के लिए नहीं हैं. 

इस स्कीम में भी कर सकते हैं इन्वेस्ट
रेगुलर इन्वेस्टर्स को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनकी रिस्क प्रोफाइल की वजह से वह इन स्कीमों में इन्वेस्ट नहीं कर सकते. ऐसे इन्वेस्टर्स एक Flexi कैप स्कीम में इन्वेस्ट कर सकते हैं. एक अच्छी Flexi कैप स्कीम इन्वेस्टर्स को विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे रिटर्न्स दिला सकती हैं. इतना ही नहीं यह स्कीमें बहुत ज्यादा रिस्क के बिना ही काफी अच्छा परफॉर्म करती हैं. 

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