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Loan के साथ हर महीने EMI चुकाने की टेंशन खत्म, इमरजेंसी में आपके काम आएगा LIC लोन 

इमरजेंसी में पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए एलआई लोन एक बेहतर विकल्प है. ये पर्सनल लोन के मुकाबले सस्‍ता है और इसमें हर महीने EMI चुकाने की झंझट नहीं है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अगर आपको कभी अचानक से पैसों की जरूरत पड़ जाए और आपके पास पैसे न हों, तो आप क्या करेंगे? सबसे पहले आप अपने किसी करीबी ये पैसे उधार मांगने जाएंगे या अपनी किसी पॉलिसी या एफडी को तुड़वाकर काम चलाएंगे. वहीं, अगर ससे भी काम न चले तो आप फिर पर्सनल लोन का सहारा लेंगे. ऐसे में पर्सनल लोन से आपका काम तो हो जाता है, लेकिन ये बहुत महंगा पड़ता है ,क्‍योंकि अनसिक्‍योर्ड लोन की कैटेगरी में आने के कारण इसकी ब्‍याज दरें काफी ज्‍यादा होती हैं. लेकिन आज हम आपको एलआईसी लोन की जानकारी देंगे, जिसमें आपको हर महीने एएमआई चुकाने की जरूरत नहीं होगी. तो चलिए जानते हैं आपको इस लोन का फायदा कैसे मिलेगा?

3 से 5 दिन में मिल जाता है लोन

अगर आपके पास कोई भी एलआईसी (LIC) पॉलिसी है, तो आपको उस पॉलिसी पर लोन लेने का ऑप्‍शन मिलेगा. एलआईसी पॉलिसी पर मिलने वाला लोन सिक्योर्ड लोन की श्रेणी में आता है, क्‍योंकि लोन गारंटी आपकी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी होती है. ऐसे में बहुत पेपर वर्क की जरूरत नहीं होती और लोन जल्दी मिल जाता है. ग्राहक सिर्फ 3 से 5 दिन की अवधि में ही लोन की राशि प्राप्त कर सकता है.

पर्सनल लोन की तुलना में सस्ता

एलआईसी पर लिया लोन आमतौर पर पर्सनल लोन की तुलना में सस्‍ता पड़ता है, साथ ही री-पेमेंट भी काफी आसान होता है और इसे लेते समय प्रोसेसिंग फीस या हिडन चार्जेज नहीं लगते हैं. आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे चुकता कर सकते हैं. इससे आपकी सेविंग्‍स भी खत्‍म नहीं होती और आपकी जरूरत भी पूरी हो जाती है. एलआईसी पर लोन का एक फायदा ये भी है कि आपको अपनी पॉलिसी को सरेंडर नहीं करना पड़ता. ऐसे में आपको बीमा से मिलने वाले फायदे खत्म नहीं होते हैं.

हर महीने EMI चुकाने की झंझट नहीं
एलआईसी पॉलिसी पर अगर आप लोन लेते हैं तो इसका रीपेमेंट काफी आसान होता है. इसमें लोन चुकाने वाले को अच्‍छा खासा टाइम मिलता है क्‍योंकि लोन की अवधि न्यूनतम 6 महीने से लेकर इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी तक हो सकती है. ऐसे में ग्राहक के लिए अच्‍छी बात ये है कि इस लोन पर हर महीने ईएमआई चुकाने की टेंशन नहीं होती. जैसे-जैसे पैसे जमा होते जाएं, आप उसके हिसाब से पैसे दे सकते हैं. लेकिन एक बात ध्‍यान रहे कि वार्षिक ब्‍याज इसमें जुड़ता रहेगा. अगर कोई ग्राहक 6 महीने की न्यूनतम अवधि के भीतर लोन का निपटान करता है, तो उसे 6 महीने की पूरी अवधि के लिए ब्याज का भुगतान करना होता है..

लोन चुकाने के 3 ऑप्‍शन

1. पूरे मूलधन को ब्याज के साथ चुकाएं.
2. बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी के समय क्लेम अमाउंट के साथ मूलधन का निपटान करें. ऐसे में अब आपको केवल ब्याज राशि चुकानी होगी.
3. सालाना ब्याज राशि चुकाएं और मूल राशि को अलग तरीके से चुकाएं.

लोन से जुड़े नियमों का रखें ध्यान

1. इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में लोन सिर्फ कुछ चुनिंदा पॉलिसी जैसे कि ट्रेडिशनल और एंडोमेंट पॉलिसी के एवज में ही मिलता है.
2. लोन की राशि सरेंडर वैल्‍यू के हिसाब से तय की जाती है. आपको पॉलिसी की सरेंडर वैल्‍यू का 80 से 90 प्रतिशत तक लोन मिल सकता है.
3. लोन पॉलिसी की ब्‍याज दर पॉलिसी होल्‍डर के प्रोफाइल पर निर्भर करती है. आमतौर पर ये 10 से 12 प्रतिशत तक होती है.
4. पॉलिसी पर लोन देते समय बीमा कंपनी आपकी पॉलिसी को गिरवी रख लेती है.
5. लोन वापस न करने पर या लोन की बकाया राशि पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू से अधिक हो जाने पर कंपनी को आपकी पॉलिसी समाप्‍त करने का अधिकार है.
6. अगर आपकी बीमा पॉलिसी लोन चुकाने से पहले मैच्‍योर हो जाती है है तो आपकी राशि से बीमा कंपनी लोन की राशि काट सकती है.

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लोन के लिए ऐसे करें अप्‍लाई

1. पॉलिसी के बदले लोन लेने के लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अप्‍लाई कर सकते हैं. ऑफलाइन के लिए आपको एलआईसी ऑफिस में जाकर केवाईसी डॉक्‍यूमेंट्स के साथ लोन के लिए आवेदन करना होगा.

2. वहीं, ऑनलाइन अप्‍लाई करने के लिए LIC ई-सेवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन करें. इसके बाद अपने अकाउंट में लॉग-इन करें. इसके बाद चेक करें कि आप बीमा पॉलिसी बदले लिए जाने वाले लोन को प्राप्त करने के लिए योग्य है या नहीं. यदि हैं, तो लोन की नियम, शर्तें, ब्याज दरें आदि के बारे में अच्‍छे से पढ़ लें. इसके बाद एप्लीकेशन सबमिट करें और KYC दस्‍तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करें.

 


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