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नौकरीपेशा लोगों को 15 जून के बाद भरना चाहिए Income Tax रिटर्न, जानते हैं क्यों?
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख धीरे-धीरे नजदीक आ रही है. ऐसे में क्या आपको इस बात की जानकारी है कि नौकरीपेशा लोगों को 15 जून के बाद आईटीआर भरने के कई फायदे होते हैं? अगर नहीं, तो चलिए आज आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं.
आईटीआर की आखिरी तारीख 31 जुलाई
वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए ऑनलाइन आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. टैक्स रिटर्न को जल्दी और आसानी से दाखिल करने के लिए आईटीआर फॉर्म भी 1अप्रैल को जारी हो गए हैं. इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है, लेकिन नौकरीपेशा लोगों को 15 जून के बाद ही आईटीआर फाइल करना चाहिए.
15 जून के बाद ही क्यों भरें आईटीआर?
आईटीआर फॉर्म इस समय ऑनलाइन एक्टिव हो चुके हैं. वहीं, नौकरीपेशा लोगों को 15 जून के बाद आईटीआर भरने की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि इस दिन तक उनके Form-26AS या एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट्स (एआईएस) भी इनकम टैक्स विभाग की साइट पर उपलब्ध हो जाते हैं. ये पूरी तरह अपडेटेड होते हैं और वेतनभोगी व्यक्तियों को इस तारीख से 15 दिनों के भीतर अपना TDS प्रमाणपत्र मिल जाता है. इससे उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में आसानी होती है.
अधूरी जानकारी के लिए भरना पड़ सकता है जुर्माना
आपको बता दें, अधूरी जानकारी के आधार पर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को अगर जानकारी न होने के कारण आय कम बताई जाती है, तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे में 15 जून तक इंतजार करना समझदारी है. वैसे भी नौकरीपेशा लोगों के पास वित्त वर्ष 2023-24 (एवाई 2024-25) के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 जुलाई, 2024 तक का समय है.
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इस तारीख तक संशोधित आईटीआर कर सकते हैं दाखिल
टैक्सपेयर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फॉर्म 16/फॉर्म 16ए में दिखाया गया टैक्स डिडक्शन एआईएस और फॉर्म 26एएस में दिखाए गए टैक्स से मेल खाता हो. बेमेल होने पर टैक्सपेयर्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. मूल्यांकन अधिकारी इसे आय की गलत रिपोर्टिंग या कम रिपोर्टिंग कह सकते हैं. इसके लिए जुर्माना आय पर देय कर का 50 से 200 प्रतिशत के बीच होता है. यह जुर्माना आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 270A के तहत लगाया जाता है. हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसने गलत आय जानकारी के आधार पर आईटीआर दाखिल किया है, तो वह 31 दिसंबर, 2024 तक संशोधित आईटीआर दाखिल कर सकता है.
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