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RBI की नई गाइडलाइन से मिलेगा बड़ा फायदा: होम लोन पर ब्याज दर और घटेगी
RBI के इस बदलाव से लाखों होम लोन ग्राहकों को राहत मिलेगी. क्रेडिट स्कोर सुधारने वालों को तुरंत कम ब्याज दर का फायदा मिलेगा, जिससे EMI का बोझ घटेगा और लोन चुकाने की क्षमता बेहतर होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फ्लोटिंग-रेट लोन वाले लाखों ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए स्प्रेड नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के साथ अब ब्याज दर कम होने के लिए तीन साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. जैसे ही आपका क्रेडिट स्कोर सुधरेगा, वैसे ही कम ब्याज दर का फायदा सीधे आपकी EMI में दिखने लगेगा. यह बदलाव घरेलू बजट से लेकर लंबे समय वाले होम लोन तक, हर उधारकर्ता की जेब में सीधी बचत करने वाला साबित हो सकता है.
स्प्रेड बदलने के नियमों में बड़ा बदलाव
फ्लोटिंग-रेट लोन पर बैंक ब्याज दो आधारों पर तय करते हैं. पहला बाहरी बेंचमार्क जैसे RBI रेपो रेट या टी-बिल यील्ड. दूसरा बेंचमार्क होता है बैंक का स्प्रेड, जो क्रेडिट रिस्क और कॉस्ट को कवर करता है. नई गाइडलाइन के तहत RBI ने स्प्रेड रिव्यू में बदलाव किया है. अब अगर किसी ग्राहक का क्रेडिट स्कोर बेहतर हुआ है, तो बैंक तुरंत स्प्रेड कम कर कम ब्याज दर दे सकते हैं. पहले इसके लिए 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता था.
कैसे मिलेगा कम ब्याज का लाभ
ग्राहक को अपने क्रेडिट स्कोर की निगरानी करते रहना होगा. अगर स्कोर बढ़ता है, तो वह बैंक से रेट कट की मांग कर सकता है. बैंक क्रेडिट असेसमेंट कर स्प्रेड घटा सकता है, जिससे ब्याज दर नीचे आएगी. कुछ मामलों में बैंक लोन का टेन्योर भी कम कर देते हैं, जिससे EMI में बचत होती है. लंबे समय वाले होम लोन में ब्याज दर में सिर्फ 0.25 प्रतिशत की कमी भी महीने में हजारों रुपये की बचत करा सकती है.
ग्राहक को खुद करनी होगी पहल
नई गाइडलाइन के अनुसार मौजूदा ग्राहक तभी लाभ उठा सकेंगे जब वे स्वयं बैंक से दर कम करने का अनुरोध करें. पहले नए ग्राहकों को तुरंत कम रेट मिल जाता था और पुराने ग्राहक रिव्यू का इंतजार करते थे. अब दोनों को बराबर मौका मिलेगा. क्रेडिट स्कोर सुधारते ही पुराने ग्राहक भी तुरंत कम ब्याज दर की मांग कर सकेंगे.
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