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UPI से करते हैं पेमेंट, तो जानिए ट्रांजेक्शन के लिए क्या है नियम?
Indian National Payment Corporation की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार एक सामान्य यूपीआई के ट्रांजेक्शन की अधिकतम 1 लाख रुपये लिमिट तय है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आज के इस डिजिटल युग में हर कोई यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पेमेंट करने लगा है. आपको बड़े-बड़े शोरूम से लेकर सब्जी की रेहड़ी वाले तक यूपीआई का इस्तेमाल करते दिख जाएंगे. फोन में यूपीआई ऐप के साथ पैसे ट्रांसफर करने का यह काम सेकेंड्स का हो जाता है और पैसे प्राप्त करने वाले को भी काफी आसानी रहती है. ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि यूपीआई से एक दिन में कितने रुपये तक पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं? अगर नहीं तो चलिए आज आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं.
NPCI ने तय की है यूपीआई ट्रांजेक्शन लिमिट
दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payments Corporation of India) यूपीआई के लिए ट्रांजेक्शन की एक लिमिट तय की हुई है. इस लिमिट को ध्यान में रखते हुए ही यूपीआई के जरिए पेमेंट की जा सकती है. अग अलग पेमेंट के लिए अलग अलग लिमिट तय हैं.
1. नॉर्मल यूपीआई ट्रांजेक्शन- भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payments Corporation of India) की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार नॉर्मल यूपीआई के लिए प्रति ट्रांजेक्शन लिमिट अधिकतम 1 लाख रुपये तक है.
2. स्पेसिफिक कैटेगरी- कैपिटल मार्केट, कलेक्शन, इंश्योरेंस में यूपीआई ट्रांजेक्शन के साथ यही लिमिट बढ़कर 2 लाख रुपये हो जाती है. वहीं, आईपीओ (Initial Public Offering) और रिटेल डायरेक्ट स्कीम के लिए यूपीआई टांजेक्शन की लिमिट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन रखी गई है.
3. 8 दिसंबर 2023 से भारतीय रिजर्व बैंक ने शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को की जाने वाले यूपीआई पेमेंट की लिमिट 5 लाख रुपये कर दी है. आपको बता दें, 2023 से पहले शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के लिए यूपीआई पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपये थी.
4. पर्सन टू पर्सन यूपीआई ट्रांजेक्शन- पीटूपी यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए हर बैंक अपनी अलग शर्त रख सकता है. नियमों के अनुसार रोजाना 20 यूपीआई ट्रांजेक्शन किए जा सकते हैं. इसके बाद यूजर को ट्रांजेक्शन शुरू करने के लिए 24 घंटे तक इंतजार करना होगा. थर्ड-पार्टी यूपीआई ऐप के लिए केवल 10 ट्रांजेक्शन की अनुमति है.
5. यूपीआई की अधिकतम दैनिक ट्रांसफर सीमा बैंक दर बैंक 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये के बीच हो सकती है. कुछ बैंकों ने यूपीआई ट्रांसफर की सीमा एक दिन के बजाय प्रति सप्ताह या प्रति माह निर्धारित की है.
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यूपीआई लेनदेन शुल्क
यूपीआई का उपयोग करके व्यक्तिगत लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है. हालांकि 2,000 रुपये से अधिक के डिजिटल वॉलेट लेन-देन पर शुल्क लगेगा. उपयोगकर्ताओं को यह शुल्क नहीं देना पड़ता है, बल्कि व्यापारियों को इंटरचेंज शुल्क देना पड़ता है.
यूपीआई लेने-देन में क्या होका है इंटरचेंज शुल्क?
यूपीआई लेनदेन में इंटरचेंज शुल्क वह लेनदेन फीस होती है, जो व्यापारी को तब चुकाना होता है, जब वह किसी ग्राहक के साथ लेनदेन करता है. जैसे अगर कोई ग्राहक किसी स्टोर पर पेटीम क्यूआर कोड का उपयोग करके यूपीआई के माध्यम से भुगतान करता है, तो व्यापारी को भुगतान सेवा प्रदाता यानी पेटीएम को इंटरचेंज फीस का भुगतान करना होता है. विभिन्न सेवाओं पर इंटरचेंज शुल्क 0.5-1.1 प्रतिशत की सीमा में लागू है. ईंधन भुगतान पर 0.5 प्रतिशत, डाकघर, दूरसंचार, उपयोगिताओं, कृषि और शिक्षा के लिए 0.7 प्रतिशत, सुपर मार्केट भुगतान के लिए 0.9 प्रतिशत और बीमा, म्यूचुअल फंड, सरकार और रेलवे के लिए 1 प्रतिशत इंटरचेंज शुल्क लागू है.
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