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अब चांदी पर भी मिलेगा लोन! RBI ने जारी किए नए नियम, 1 अप्रैल 2026 से होंगे लागू
RBI का यह कदम उन निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो चांदी में निवेश करते हैं. अब जरूरत पड़ने पर वे अपने चांदी के गहनों या सिक्कों के बदले त्वरित लोन प्राप्त कर सकेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
अब तक केवल सोने के गहनों पर लोन की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत ग्राहक अब अपने चांदी के गहनों या सिक्कों पर भी बैंक या फाइनेंस कंपनियों से लोन ले सकेंगे. ये प्रावधान ‘Reserve Bank of India Directions 2025’ के तहत जारी किए गए हैं और 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे.
कौन-कौन दे सकेंगे सोना-चांदी पर लोन
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों को दी जाएगी. इनमें शामिल हैं —
1. सभी कमर्शियल बैंक (सहित स्मॉल फाइनेंस और रीजनल रूरल बैंक)
2. अर्बन और रूरल कोऑपरेटिव बैंक
3. एनबीएफसी (NBFCs) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां
किस प्रकार की चांदी और सोना होंगे पात्र
नए नियमों के अनुसार, लोन केवल ज्वैलरी या सिक्कों के रूप में रखे गए सोने या चांदी पर ही मिलेगा. शुद्ध बुलियन (यानी सिल्लियां), गोल्ड ETF या म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर लोन की अनुमति नहीं होगी.
कितनी मात्रा तक गिरवी रख सकते हैं गहने या सिक्के
ग्राहक सीमित मात्रा तक ही गहनों या सिक्कों को गिरवी रख सकते हैं.
- सोने के गहने: अधिकतम 1 किलो तक
- चांदी के गहने: अधिकतम 10 किलो तक
- सोने के सिक्के: 50 ग्राम तक
- चांदी के सिक्के: 500 ग्राम तक
इस सीमा से अधिक मात्रा पर लोन लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
कितना मिलेगा लोन (Loan-to-Value Ratio)
RBI ने लोन की अधिकतम सीमा यानी LTV Ratio भी तय कर दी है. ₹2.5 लाख तक के लोन पर 85% तक, ₹2.5 से ₹5 लाख के लोन पर 80% तक और ₹5 लाख से अधिक के लोन पर 75% तक का लोन मिलेगा. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास ₹1 लाख की चांदी है, तो आपको अधिकतम ₹85,000 तक का लोन मिल सकता है.
कैसे तय होगी सोने या चांदी की कीमत
गहनों या सिक्कों का मूल्यांकन बैंक या NBFC द्वारा किया जाएगा. मूल्य तय करने के लिए पिछले 30 दिनों की औसत क्लोजिंग कीमत या पिछले दिन की क्लोजिंग कीमत में से जो कम होगी, वही ली जाएगी. यह दर IBJA (India Bullion and Jewellers Association Ltd) या किसी मान्यता प्राप्त कमोडिटी एक्सचेंज की कीमत पर आधारित होगी. ध्यान देने योग्य बात यह है कि गहनों में लगे स्टोन या अन्य धातुओं का मूल्य इसमें शामिल नहीं होगा.
लोन प्रोसेस और सुरक्षा प्रावधान
लोन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
1. गहनों या चांदी की जांच लोन लेने वाले की मौजूदगी में होगी.
2. बैंक वैल्यूएशन की प्रमाणित रिपोर्ट देगा.
3. लोन एग्रीमेंट में फीस, नीलामी प्रक्रिया और रिफंड टाइमलाइन स्पष्ट रूप से लिखी जाएगी.
4. सभी दस्तावेज स्थानीय या ग्राहक की पसंदीदा भाषा में उपलब्ध कराए जाएंगे.
5. गिरवी रखे गए गहने बैंक के सुरक्षित वॉल्ट में रखे जाएंगे और समय-समय पर ऑडिट होगा.
लोन चुकाने के बाद गहनों की वापसी
RBI ने यह भी तय किया है कि लोन चुकाने के बाद बैंक को 7 कार्य दिवसों के भीतर गहने या चांदी वापस करनी होगी. यदि देरी बैंक की गलती से होती है, तो ग्राहक को ₹5,000 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा.
अगर लोन नहीं चुकाया गया तो क्या होगा
अगर ग्राहक समय पर लोन नहीं चुका पाता, तो बैंक पहले नीलामी का पूर्व नोटिस देगा. संपर्क न होने पर पब्लिक नोटिस जारी कर एक महीने का समय दिया जाएगा. नीलामी का रिजर्व प्राइस मौजूदा कीमत के 90% से कम नहीं होगा, और यदि दो बार नीलामी असफल रहती है, तो रिजर्व प्राइस 85% तक घटाया जा सकता है.
दो साल तक न लेने पर क्या होगा गहनों का
अगर लोन निपटाने के दो साल बाद तक ग्राहक अपने गहने या चांदी नहीं लेता है, तो बैंक उन्हें "अनक्लेम्ड कोलेटरल" घोषित करेगा. इसके बाद बैंक ग्राहक या उसके वारिसों से संपर्क करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा.
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