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कोटक MF ने लॉन्च किया ‘रूरल अपॉर्च्यूनिटीज फंड’, गांवों की विकास यात्रा में निवेश का मौका
जैसे-जैसे गांवों में आय, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, यह फंड उन सेक्टर्स पर फोकस करेगा जो इस बदलाव से लाभान्वित हो रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
भारत के गांवों में बढ़ती आमदनी और उपभोग की ताकत को देखते हुए कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने नया ‘कोटक रूरल अपॉर्च्यूनिटीज फंड’ लॉन्च किया है. यह फंड ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यवसायों में निवेश करेगा ताकि निवेशक भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बन सकें. यह ओपन-एंडेड स्कीम भारत के ग्रामीण और उससे जुड़े क्षेत्रों में निवेश करेगी. कंपनी का लक्ष्य है कि निवेशकों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तेजी से बढ़ती संभावनाओं का हिस्सा बनने का अवसर मिले.
6 से 20 नवंबर तक खुला रहेगा फंड
कोटक रूरल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की नई फंड ऑफर (NFO) अवधि 6 नवंबर 2025 से 20 नवंबर 2025 तक रहेगी. इस दौरान निवेशक न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं, जबकि एसआईपी (SIP) के लिए 500 रुपये से शुरुआत की जा सकती है. यह फंड निफ्टी रूरल इंडेक्स TRI को अपना बेंचमार्क बनाएगा.
ग्रामीण भारत की ग्रोथ थीम पर फोकस
फंड का उद्देश्य लंबी अवधि में निवेशकों की संपत्ति में वृद्धि करना है. इसके लिए यह उन कंपनियों में निवेश करेगा जो ग्रामीण विकास, उपभोग, और बुनियादी ढांचे से जुड़ी हैं या इन क्षेत्रों से लाभ कमा रही हैं. पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों का चयन सख्त रिसर्च और क्वालिटी पैरामीटर के आधार पर किया जाएगा, ताकि निवेशकों को विविध और मजबूत पोर्टफोलियो मिल सके.
ग्रामीण भारत नया ग्रोथ इंजन बन रहा है
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह ने कहा, “ग्रामीण भारत अब केवल खेती तक सीमित नहीं है. यह वित्तीय समावेशन, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग के जरिए देश के विकास का नया इंजन बन चुका है. बढ़ती आय, उपभोग और सरकारी नीतियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है.” उन्होंने आगे कहा कि कोटक रूरल अपॉर्च्यूनिटीज फंड का लक्ष्य निवेशकों को इस परिवर्तन में भागीदार बनाना है, जो भारत के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में कदम है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव
आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण भारत अब तेजी से विविधता की ओर बढ़ रहा है. लगभग 40% ग्रामीण आबादी खेती के अलावा अन्य कार्यों में लगी है. 2018 से अब तक ग्रामीण महिलाओं की नौकरी में भागीदारी लगभग दोगुनी हुई है, जिससे दोहरी आय वाले परिवारों की संख्या बढ़ी है. इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में अब आधे से अधिक खर्च खाने-पीने के अलावा अन्य चीजों पर हो रहा है, जो बढ़ती आय और बदलती जीवनशैली को दर्शाता है.
कोटक रूरल अपॉर्च्यूनिटीज फंड के फंड मैनेजर अर्जुन खन्ना ने कहा, “हमारा नजरिया रूरल थीम पर पॉजिटिव है. बढ़ती आमदनी, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय व तकनीकी पहुंच ग्रामीण विकास के लिए मजबूत आधार बना रही हैं.” उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, सर्विसेज और कंजम्पशन जैसे कई क्षेत्रों में फैली हुई है. यह फंड रिसर्च-आधारित और अनुशासित निवेश के ज़रिए निवेशकों को इस विकास यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर देगा.
(डिस्क्लेमर : म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, यह खबर केवल आपको जानकारी देने के उद्देश्य से लिखी गई है. BW हिन्दी आपको किसी भी तरह के निवेश की सलाह नहीं देता है. अगर आप निवेश करना भी चाहते हैं, तो पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.)
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