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ITR Filing 2025: वेतनभोगियों और छोटे निवेशकों के लिए रिटर्न भरना अब और आसान
सरकार ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म में किए अहम बदलाव किए हैं. अब मामूली LTCG वालों को ITR-2 भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म 1 (सहज) और 4 (सुगम) को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अधिसूचित कर दिया है. इन बदलावों का उद्देश्य वेतनभोगियों और छोटे निवेशकों के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है. खासकर वे टैक्सपेयर्स जिन्हें लिस्टेड सिक्योरिटीज या म्यूचुअल फंड से मामूली लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) होता है, अब जटिल फॉर्म ITR-2 भरने से राहत पा सकेंगे. आइए जानते हैं इससे वेतनभोगियों को क्या फायदा होगा?
अब ITR-1 और ITR-4 से भी फाइल कर सकेंगे रिटर्न
अब तक जिन टैक्सपेयर्स को LTCG में छूट मिलने के बावजूद ITR-2 या ITR-3 जैसे फॉर्म भरने पड़ते थे, उन्हें अब ITR-1 या ITR-4 के जरिए भी रिटर्न दाखिल करने की अनुमति दी गई है. यह सुविधा उन लोगों के लिए लागू होगी जिनकी LTCG आय ₹1.25 लाख प्रति वर्ष तक है.
फॉर्म में तकनीकी सुधार से बढ़ेगी पारदर्शिता
CBDT ने रिटर्न फॉर्म में कई तकनीकी बदलाव भी किए हैं, जिससे चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होगी.
1. धारा 80C, 80GG और अन्य कटौतियों के लिए ड्रॉपडाउन विकल्प जोड़े गए हैं.
2. TDS विवरण अब सेक्शन-वाइज देना होगा, जिससे टैक्स क्रेडिट क्लेम करना आसान और स्पष्ट होगा.
रिटर्न भरने की अंतिम तिथि और यूटिलिटी अपडेट
रिटर्न यूटिलिटी जल्द ही इनकम टैक्स विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी. टैक्सपेयर्स जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है. आमतौर पर ITR फॉर्म वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले अधिसूचित कर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार फरवरी 2025 में संसद में पेश किए गए नए इनकम टैक्स बिल की वजह से देरी हुई. राजस्व विभाग का पूरा फोकस उस पर रहा.
किन्हें भरना चाहिए फॉर्म?
आपको बता दें, ITR-1 (सहज) फॉर्म उन्हें भरना चाहिए, जिनकी सालाना आय ₹50 लाख तक है और जो वेतन, एक घर से किराया और ब्याज जैसी अन्य आमदनियों से आय अर्जित करते हैं. कृषि आय ₹5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए. वहीं, ITR-4 (सुगम) उन लोगों को भरना चाहिए, जिनकी HUF या फर्म (LLP को छोड़कर) आय ₹50 लाख तक है और जो प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत व्यवसाय या प्रोफेशन से आय अर्जित करते हैं.
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