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HDFC Bank के ग्राहकों को इतने लेन-देन पर नहीं मिलेगा SMS अलर्ट, जानिए क्यों?
बैंक अपने ग्राहकों को हर छोटे-मोटे लेन-देन होने पर SMS अलर्ट भेजता है, लेकिन अब HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को SMS अलर्ट नहीं भेजने का फैसला लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बैंक अपने ग्राहक को हर छोटे-मोटे लेन-देन होने पर मैसेज अलर्ट भेजता है. अब देश में यूपीआई (UPI Transaction) का चलन बढ़ गया है, ऐसे में छोटे लेन-देने के लिए भी बैंक एसएमएस जारी करते हैं. आप कोई पेमेंट करते हैं या कहीं से आपके खाते में पैसे आते हैं, तो यह अमाउंट चाहे 1 रुपये ही रुपये का क्यों न हो, एक एसएमएस यानी टेक्स्ट मैसेज के जरिए आपको अलर्ट मिलता है. लेकिन अब देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचीडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने मैसेज अलर्ट को लेकर एक नया अपडेट जारी कर दिया है. दरअसल एचडीएफसी बैंक ने अब पने ग्राहकों को SMS Alert नहीं भेजने का फैसला लिया है. तो चलिए जानते हैं बैंक ने ऐसा फैसला क्यों लिया है?
इतने यूपीआई ट्रांजेक्शन और अमांट क्रेडिट होने पर नहीं आएगा अलर्ट
एचडीएफसी बैंक 25 जून 2024 के बाद से ग्राहकों को 100 रुपये से कम के यूपीआई ट्रांजैक्शन (UPI Transaction) पर मैसेज अलर्ट नहीं भेजेगा. वहीं, ग्राहकों को 500 रुपये तक के अमाउंट क्रेडिट होने पर भी मैसेज नहीं आएगा. लेकिन बैंक ग्राहकों को हर ट्रांजैक्शन पर ई-मेल अलर्ट भेजेगा. बैंक ने कस्टमर से कहा है कि वह जल्द से जल्द ई-मेल आईडी अपडेट करें.
भारत में होता है दुनिया का लगभग 46 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन
भारत में डिजिटल माध्यमों से भुगतान नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है, क्योंकि इसके नागरिक तेजी से इंटरनेट पर लेन-देन के उभरते तरीकों को अपना रहे हैं. यहां तक कि भारत में रिटेल डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई पेमेंट सिस्टम (UPI Payment System) बेहद पॉप्यूलर हो गई है और इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है. भारत में डिजिटल भुगतान में यूपीआई (UPI) की हिस्सेदारी 2023 में 80 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है. वर्ष 2022 आंकड़ों के अनुसार आज दुनिया के लगभग 46 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन भारत में होता है. भारत में 3 प्रमुख यूपीआई ऐप फोनपे (PhonePe), गूगल पे (Google Pay) और पेटीएम (Paytm) हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 में यूपीआई लेन-देन 10 हजार करोड़ का आंकड़ा पार करके 11.8 हजार करोड़ पर पहुंच गया.
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क्यों लिया फैसला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैंक द्वारा ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि आजकल हर छोटी-छोटी चीजों के लिए भी लोग यूपीआई का इस्तेमाल करने लगे हैं. दिनभर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए 1 रुपये से लेकर 10, 20 और 50 रुपये तक की कई यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रही हैं, ऐसे में बार-बार एसएमएस अलर्ट जारी करने पर शुल्क भी कटता है. इसे देखते हुए 100 रुपये से कम की ट्रांजेक्शन को मेल द्लारा भेजने का फैसला लिया गया है. वहीं, पिछले कुछ सालों में यूपीआई के जरिये हो रहे लेन-देन की औसत वैल्यू में भी कमी देखने को मिली है. वर्ष 2022 की दूसरी छमाही में यूपीआई की औसत वैल्यू 1,648 रुपये थी जो साल 2023 की दूसरी छमाही में 1,515 हो गई है. यूपीआई के औसत वैल्यू से हम समझ सकते हैं कि देश में यूपीआई के जरिये छोटे लेन-देने ज्यादा हो रहे हैं.
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