होम / पर्सनल फाइनेंस / Edelweiss Mutual Fund ने लॉन्च किया NFO, लॉन्ग टर्म निवेश में होगा फायदा
Edelweiss Mutual Fund ने लॉन्च किया NFO, लॉन्ग टर्म निवेश में होगा फायदा
Edelweiss Mutual Fund का NFO देश के फाइनेंशियल मार्केट और इंश्योरेंस सेक्टर में निवेश के लिए डिजाइन किया गया है. ये NFO 10 से 24 दिसंबर 2024 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप किसी नए म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं, तो ये खबर आपके काम की है. दरअसल, एसेट मैनेजमेंट कंपनी एडलवाइज म्यूचुअल फंड (Edelweiss Mutual Fund) ने भारतीय निवेशकों के लिए इक्विटी कैटेगरी में एक नया फंड ऑफर (NFO) लॉन्च किया है. एडलवाइज म्यूचुअल फंड ने थिमैटिक फंड Edelweiss BSE Capital Markets & Insurance ETF लॉन्च किया है. यह इनोवेटिव ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड स्कीम बीएसई (BSE) कैपिटल मार्केट्स और इंश्योरेंस टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक और अनुकरण करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह भारत में पहला ईटीएफ है, जो निवेश और संपत्ति निर्माण के मेगा ट्रेंड का लाभ उठाने के साथ-साथ इंश्योरेंस क्षेत्र को भी शामिल करता है. कंपनी का एनएफओ 10 से 24 दिसंबर 2024 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा. तो आइए जानते हैं, इसमें निवेश के क्या फायदे हैं?
इतना कर सकते हैं निवेश
एडलवाइज म्युचुअल फंड की इस नई स्कीम का सब्सक्रिप्शन 10 दिसंबर से खुल गया है और 24 दिसंबर 2024 को बंद होगा. इस स्कीम में मिनिमम 5,000 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं. इस स्कीम में कोई एग्जिट लोड नहीं है. इस एनएफओ का बेंचमार्क इंडेक्स BSE Capital Markets & Insurance TRI है. भावेश जैन स्कीम के फंड मैनेजर हैं. फंड हाउस के अनुसार लॉन्ग टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन में यह फंड मददगार हो सकता है. यह फंड ‘वेरी हाई’ रिस्क कैटेगरी में है.
ऐसे काम करेगा ईटीएफ
फंड हाउस का कहना है कि यह पहला और इकलौता फंड है, जिसका एक्सपोजर कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस स्टॉक्स पर पूरी तरह फोकस्ड होगा. फंड का विविध पोर्टफोलियो कैपिटल मार्केट्स (47.21प्रतिशत) और इंश्योरेंस (52.79 प्रतिशत) के बीच विभाजित है. इनमें एएमसी, स्टॉक ब्रोकिंग, एक्सचेंज, जनरल एंड लाइफ इंश्योरेंस जैसी सब-इंडस्ट्रीज भी हैं. प्रमुख घटकों में HDFC AMC, एंजल वन, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX), आनंद राठी वेल्थ, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI लोम्बार्ड, और ICICI सिक्योरिटीज शामिल हैं. ईटीएफ के सभी स्टॉक्स बीएसई 500 इंडेक्स का हिस्सा होंगे. फिलहाल, BSE 500 के कुल M-cap में इन सेक्टरों की हिस्सेदारी केवल 4 प्रतिशत है, जबकि लिस्टेड फाइनेंशियल मार्केट में काफी विस्तार होने वाला है. इस स्कीम में बेहतर डायवर्सिफिकेशन 30 शेयरों तक की कैपिंग रखी गई है. योग्य स्टॉक्स को उनके औसत 6-महीने के डेली फ्लोट-एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन आंकड़ों के आधार पर रैंक किया जाएगा. ईटीएफ का पुनर्गठन जून और दिसंबर में अर्धवार्षिक रूप से किया जाएगा और तिमाही रूप से फिर से संतुलित किया जाएगा ताकि प्रदर्शन को अधिकतम किया जा सके. स्कीम का निवेश लार्ज, मिड और स्माल कैप स्टॉक्स में होगा.
एडलवाइज म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ की प्रतिक्रिया
एडलवाइज म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ, राधिका गुप्ता ने इस लॉन्च के मौके पर कहा कि एडलवाइज़ का उद्देश्य उभरते हुए ट्रेंड्स की पहचान करना और उन्हें निवेशकों के लिए इनवेस्टमेंट के मौकों में बदलना है. यह ETF भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में हो रहे व्यापक बदलावों को कैप्चर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह ETF केवल एक शुरुआत है और भविष्य में एडलवाइज की योजना कई और थीमैटिक ETF लॉन्च करने की है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईटीएफ भारत की विकास कहानी को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख मेगा रुझानों को पकड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, क्योंकि यह 2047 तक विकसित भारत बनने की ओर अग्रसर है.
टैग्स