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डिजिटाइजेशन से मोटर इंश्योरेंस क्लेम प्रक्रिया हुई आसान, AI निभा रहा बड़ी भूमिका

ऑनलाइन मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स को तेज क्लेम प्रॉसेस, पेपरलेस, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और कैशलेस सेटलमेंट की सुविधा उपलब्ध कराता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

आज के बढ़ते टेक्नोलॉजी के जमाने में मोटर इंश्योरेंस इंडस्ट्री क्लेम प्रक्रिया भी आसान होती जा रही है. डिजिटाइजेशन से पॉलिसी होल्डर्स के लिए ट्रांसपेरेंसी भी बढ़ी है. ऑनलाइन मोटर इंश्योरेंस क्लेम को जल्द से जल्द पूरा करने में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (AI) भी बड़ी भूमिका निभा रहा है. तो चलिए जानते हैं इसमें एआई की क्या भूमिका है और इससे पॉलिसी होल्डर्स को कितना फायदा हो रहा है?

बीमाकर्ताओं और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा
एक्सपर्ट का मानना है कि ऑनलाइन मोटर इंश्योरेंस क्लेम प्रॉसेस तेज, पेपरलेस, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और कैशलेस सेटलमेंट की सुविधा उपलब्ध कराता है. जैसे-जैसे डिजिटल इकोसिस्टम डेवलप हो रहा है, इसमें आगे और इनोवेशन हो सकता है. डिजिटल टेक्नॉलॉजी के आने से क्लेम फाइल करने का प्रॉसेस अब सरल और आसान हो गया है. इससे बीमाकर्ताओं और उपभोक्ताओं दोनों को समान रूप से लाभ हुआ है. 

मोबाइल ऐप या वेबसाइट ये करे क्लेम
पॉलिसीधारक अब मोबाइल ऐप या वेबसाइटों के जरिए मोटर इंश्योरेंस क्लेम के बारे में बीमा कंपनी को तुरंत जानकारी दे सकते हैं. इस प्रॉसेस में आमतौर पर एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है. इसमें घटना की डीटेल देने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त गाड़ी की तस्वीरें जैसे सहायक दस्तावेज अपलोड करना शामिल है. इससे क्लेम सेटलमेंट प्रॉसेस तेज होता है और वेटिंग टाइम कम हो जाता है. क्लेम की सूचना तुरंत मिलने से बीमा कंपनी तत्काल असेसमेंट शुरू कर सकती है. वहीं, कई बीमा कंपनियों ने ग्राहकों को कैशलेस क्लेम सैटलमेंट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अथराइज्ड गैरेज के नेटवर्क बनाए हैं. पॉलिसीधारक इन गैरेज में बिना प्री-पेमेंट वाहन की मरम्मत करा सकते हैं, क्योंकि बीमा कंपनी सीधे खर्चों का सेटलमेंट करती है.

एआई कर रहा काम आसान
एआई के जरिए गाड़ी को कितना नुकसान हुआ है, इसकी वैल्युएशन जल्दी हो जाती है. साथ ही क्लेम अमाउंट का भी कैलकुलेशन हो सकता है. यह पूरा प्रॉसेस ऑनलाइन है, इससे समय की काफी बचत होती है. वहीं, इससे गाड़ी के फिजिकल वेरिफिकेशन की झंझट खत्म हो जाती है. एक बार क्लेम स्वीकार हो जाने पर, सेटलमेंट राशि इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (EFT) के जरिए पॉलिसीधारक के रजिस्टर्ड बैंक खाते में तुरंत ट्रांसफर कर दी जाती है. 

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