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समय पर लोन या बकाए का भुगतान करने के बाद भी नहीं सुधर रहा क्रेडिट स्कोर, जानें क्या हैं इसके कारण?

बैंक से लोन लेते समय आमतौर पर संबंधित व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर देखा जाता है. उसी के आधार पर तय किया जाता है कि आवेदक को कितना लोन मिलेगा, या कई बार लोन खारिज कर दिया जाता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बैंक से लोन लेते समय आमतौर पर संबंधित व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर देखा जाता है. इसी के आधार पर उनका लोन पास या खारिज किया जाता है. कई बार ग्राहक अपने लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाए का भुगतान भी समय पर कर देते हैं, लेकिन इसके बाद भी उनका क्रेडिट स्कोर बेहतर नहीं होता. ऐसे में इसका सीधा असर उनके लोन लेने की योग्यता पर पड़ता है. इसके बाद वे लोग ये सोचकर परेशान होते हैं कि आखिर क्यों समय पर लोन और बकाए का भुगतान करने के बाद भी उनका क्रेडिट स्कोर सकारात्मक नहीं बना पा रहा है. तो आइए जानते हैं ऐसे क्या कारण हैं, जिनसे आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार नहीं हो पाता? 

ज्यादा क्रेडिट यूटिलाइजेशन से कम होता है क्रेडिट स्कोर 

इसकी गणना अमूमन लोन की कुल राशि को उपलब्ध क्रेडिट लिमिट से भाग देकर की जाती है. इसे ऐसे समझिए कि अगर आपकी लिमिट 10 हजार रुपये है और आपने 8 हजार रुपये इस्तेमाल कर लिए तो आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो 80 प्रतिशत हुआ. वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेहतर क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए इस रेश्यो को 30 प्रतिशत से नीचे बनाए रखना चाहिए. ज्यादा यूटिलाइजेशन रेश्यो आपके क्रेडिट स्कोर को कम कर सकता है.

क्रेडिट अकाउंट में विविधता 

क्रेडिट मिक्स या क्रेडिट अकाउंट में विविधता एक और ऐसा कारक है, जिसका असर सीधे तौर पर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. होम लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड आदि मिक्स या विविधतापूर्ण क्रेडिट आपके लोन मैनेजमेंट स्किल को दर्शाता है. यहां भी ध्यान देने वाली बात है कि विविधतापूर्ण या मिक्स क्रेडिट नहीं होने से आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है.

बार-बार आवेदन करने से भी घटता है क्रेडिट स्कोर
बहुत कम समय में कई क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करने से भी आपका क्रेडिट स्कोर नीचे जा सकता है. जब-जब आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तब-तब लेंडर आपके वित्तीय लेन-देन की पड़ताल करते हैं. इससे भी क्रेडिट स्कोर कुछ प्वाइंट घट सकता है.

इसे भी पढ़ें-आपके Aadhaar पर इश्यू हैं ज्यादा सिम, तो 2 लाख जुर्माने के साथ हो सकती है जेल की सजा

क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियां
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की समीक्षा करते समय इस बात पर जरूर ध्यान देना चाहिए कि इसमें केवल आपसे संबंधित चीजें ही हों. इस बारे में पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं कि इसमें दी गई सभी सूचनाएं और जानकारियां बिल्कुल सही और पूर्ण हों. यह बहुत जरूरी है कि उपभोक्ताओं को समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को देखते रहना चाहिए. अगर उसमें कोई गलती मिले तो तुरंत उसे दूर करें. इसे नजरअंदाज करने से निश्चित रूप से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ेगा. 

सहभागिता में लोन लेना
किसी के साथ मिलकर लोन लेने के कारण भी आपका क्रेडिट स्कोर टूट सकता है क्योंकि अगर एक साथी लोन का भुगतान करने में असमर्थ रहता है, तो दूसरे पर उसके भुगतान की जिम्मेदारी आ जाती है. ऐसे में यह आपका डेट टू इनकम रेश्यो बढ़ा सकता है और क्रेडिट स्कोर घट जाएगा.


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