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पुरानी कार खरीदने के लिए कार लोन की बजाए ये विकल्प हो सकते हैं बेहतर?
कई बार लो पुरानी कार को खरीदना पसंद करते हैं. क्योंकि वो कम दाम पर मिल जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेकेंड हेंड कार के लिए कार लोन की बजाए कई और विकल्प बेहतर हो सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
कई लोग ऐसे होते हैं जो नई कार खरीदने का शौक रखते हैं लेकिन ज्यादातर लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ कार खरीदना पसंद करते हैं. क्योंकि इसमें आदमी की जरुरत भी पूरी हो जाती है और कार उसके बजट में भी आ जाती है. ज्यादातर लोग सेकेंड हेंड कार लेने के लिए कार लोन का इस्तेमाल करते हैं, जबकि सेकेंड हेंड कार के लिए कार लोन की बजाए कई और विकल्प बेहतर हो सकते हैं. आज हम अपनी स्टोरी में आपको यही बताने जा रहे हैं.
ज्यादा ब्याज का करना पड़ता है भुगतान
सेकेंड हेंड कार के लिए आज कई बैंक और एनबीएफसी से लेकर फिनटेक प्लेटफॉर्म तक लोन देते हैं. उसके लिए पहली चीज़ जो आपको जांचनी है वह है ऋण की ब्याज दर. इस्तेमाल की गई कारों के लिए मिलने वाले लोन पर ब्याज दर आमतौर पर नई कारों के लिए ऋण की तुलना में अधिक होती है. जबकि पुरानी कारों के लिए ऋण की न्यूनतम ब्याज दर 9.25 प्रतिशत शुरू होती है, जबकि कुछ बैंकों के लोन 16.3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से शुरू होते हैं. ये ब्याज दर कई बार 20 प्रतिशत से भी अधिक हो सकती है. जबकि नई कार के लिए ब्याज दर 8.6 प्रतिशत से शुरू होती है. ऐसे में लोन पर ब्याज काफी महंगा है. साथ ही आपको लोन भी इसमें कम मिलता है. ज्यादा लोन देने वाली संस्थाएं सेकेंड हेंड पर 60 प्रतिशत से 85 प्रतिशत कर्ज देती हैं.
लोन टाइम पीरियड भी होता है कम
सेकेंड हेंड कार के लिए अगर आप लोन लेते हैं तो आपको ज्यादा ब्याज दर के साथ लोन का टाइम पीरियड भी कम मिलता है. ये समय केवल एक साल से पांच साल तक हो सकता है. अगर आपको बहुत अच्छा ऑफर मिला तो ये समय सात साल का हो सकता है.
बैंक सेकेंड हेंड कार पर ज्यादा ब्याज दर क्यों लेते हैं?
समझने वाली बात ये भी है कि बैंक आखिर इस्तेमाल कार पर ज्यादा ब्याज क्यों लेते हैं. इसके दो कारण हैं जिनकी वजह से बैंक नई कारों की तुलना में पुरानी कारों पर अधिक ब्याज दर वसूलते हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जानकार कहते हैं कि कार लोन एक सेफ लोन है, क्योंकि लोन कार द्वारा ही सुरक्षित होता है. कार एक ऐसी चीज है जिसकी कीमत हर रोज कम होती चली जाती है. साथ ही इसकी सुरक्षा भी कम होती चली जाती है. दूसरा कार की रिसेल वैल्यू इससे भी तय होती है कि उसे कितने मालिक अब तक इस्तेमाल कर चुके हैं. इन दो समस्याओं का सामना करने के लिए बैंक ज्यादा ब्याज दर वसूलते हैं.
क्या आपको सेकेंड-हैंड कार के लिए ऑटो लोन लेना चाहिए?
अब सवाल ये है कि क्या आपको पुरानी कार को लेने के लिए कार लोन लेना चाहिए. ज्यादा ब्याज, कम अवधि सहित कई दूसरे कारणों को देखते हुए जरूरी ये है कि इसके लिए कुछ और विकल्पों की तलाश करनी चाहिए. कई जानकारों का मानना है कि कई बार बैंकों द्वारा दिए जाने वाला ये लोन 13 से 14 प्रतिशत तक भी मिलता है. ऐसे में जरूरी ये है कि बैकों द्वारा लिए जाने वाले इस अतिरिक्त धन को देखते हुए ये कतई सही नहीं है.
क्या हो सकते हैं विकल्प?
ऐसे में अब हम आपको कुछ ऐसे विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आप इस्तेमाल कर सकते हैं और इसमें आपको उतना भुगतान नहीं करना पड़ेगा जितना लोन में करना पड़ रहा है.
होम लोन टॉप अप
जानकार कहते हैं कि अगर आपका होम लोन चल रहा है तो ऐसे में आप अपने होम लोन पर टॉप अप ले सकते हैं और उससे पुरानी कार को खरीद सकते हैं. इसमें फायदा ये होगा कि आपको कम ब्याज पर पैसा भी मिल जाएगा और समय भी ज्यादा मिल जाएगा.
पर्सनल लोन का भी है विकल्प
जानकार कहते हैं कि आप इसके लिए पर्सनल लोन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इसमें आपके क्रेडिट एकाउंट के आधार पर आपको कम ब्याज दरों में लोन मिल सकता है. सेकेंड हेंड कार के लिए बैंक से मिलने वाले लोन के लिए से 1 या 2 प्रतिशत सस्ता लोन आपको मिल सकता है. सबसे दिलचस्प ये है कि आप प्री अप्रूव्ड लोन भी ट्राई कर सकते हैं.
निवेश पर ले सकते हैं लोन
अगर आपने कुछ निवेश किए हैं जैसे अगर आपने एफडी की हो या, म्यूचुअल फंड में निवेश किया हो तो आप उसे भी ट्राई कर सकते हैं. एफडी पर मिलने वाला लोन यूज्ड कार के मिलने वाले लोन से सस्ता होता है. इसी तरह आप गोल्ड लोन भी ट्राई कर सकते हैं.
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