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टैक्सपेयर्स के लिए एक नई योजना लॉन्च, अब तेजी से निपटेंगे इनकम टैक्स बकाया से जुड़े मामले
सरकार ने टैक्सपेयर्स के लिए डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास तक योजना लॉन्च की है. टैक्सपेयर्स अब अपने पुराने इनकम टैक्स से जुड़े मामलों का निपटारा करवा सकते है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
टैक्सपेयर्स के लिए एक अच्छी खबर आई है. दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में कहा था कि इनकम टैक्स से जुड़े मामलों का निपटारा करने के लिए जल्द ही केंद्र सरकार एक योजना लेकर आएगी. ऐसे में अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने इसके लिए 'डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास' स्कीम को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. इस स्कीम के जरिए टैक्सपेयर्स अपने पुराने इनकम टैक्स से जुड़े मामलों का निपटारा करवा सकते हैं. तो आइए इस स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं.
इन लोगों को मिलेगा फायदा
डायरेक्ट टैक्स विवाद से जुड़े पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने के लिए इस स्कीम को शुरू किया गया है. इस स्कीम का उद्देश्य इनकम टैक्स के पुराने मामलों को तेजी से निपटाना है. विवाद से विश्वास स्कीम 2024 का फायदा हर वो व्यक्ति उठा सकता है, जिसका इनकम टैक्स के बकाया को लेकर मामला पेंडिंग है. हालांकि, वे लोग इस स्कीम का फायदा नहीं उठा सकते हैं, जिन पर विदेशों में अघोषित आय जैसे गंभीर इनकम टैक्स के मामले चल रहे हैं.
लोअर सेटलमेंट अमाउंट का फायदा
सीबीडीटी ने डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम को फाइनेंस नंबर 2 एक्ट के तहत लागू किया है. इस दौरान योजना से जुड़े नियमों को भी लागू किया गया है. विवाद से विश्वास स्कीम के लिए 4 अलग-अलग फार्म दिए गए हैं.
सीबीडीटी की डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम की खास बात यह है कि इसमें नए अपीलकर्ता यानी अपीलेंट का सेटलमेंट अमाउंट पुराने अपीलकर्ता के मुकाबले कम होगा. इस स्कीम के तहत ऐसे टैक्सपेयर्स को भी लोअर सेटलमेंट अमाउंट का फायदा मिलेगा, जो 31 दिसंबर, 2024 को या उससे पहले डिक्लेरेशन फाइल करेंगे.
ये मामले सुलझाए जाएंगे
1. टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम यह भी प्रावधान करती है कि हर विवाद के लिए फॉर्म 1 अलग से फाइल किया जाएगा.
2. पेमेंट की जानकारी फॉर्म -3 में देनी होगी और अपील, आपत्ति, आवेदन, रिट याचिका, विशेष अनुमति याचिका या क्लेम को वापस लेने के प्रमाण के साथ नामित प्राधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी.
3. फॉर्म 1 और फॉर्म 3 घोषणाकर्ता द्वारा ऑनलाइन पेश किए जायेंगे. ये फार्म इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल यानी www.incometax.gov.in पर उपलब्ध कराए जायेंगे.
4. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अलग-अलग कानूनी प्लेटफॉर्म पर करीब 2.7 करोड़ टैक्स के विवादित मामले पेंडिंग हैं. इन मामलों से जुड़े टैक्स की मॉनेटरी वैल्यू करीब 35 लाख करोड़ रुपये है.
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