होम / पर्सनल फाइनेंस / भारत में बढ़ती खपत का बड़ा मौका, यूनियन MF ने लॉन्च किया नया कंजम्पशन NFO
भारत में बढ़ती खपत का बड़ा मौका, यूनियन MF ने लॉन्च किया नया कंजम्पशन NFO
भारत में खपत तेजी से बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यह ट्रेंड और मजबूत होने की संभावना है. यूनियन कंजम्पशन फंड निवेशकों को इस लंबी दौड़ में शामिल होने का अवसर देता है, लेकिन निवेश से पहले निवेशकों को अपने जोखिम प्रोफाइल के अनुसार सलाह लेना जरूरी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
देश में आय बढ़ने और उपभोग तेजी से विस्तार करने के दौर में यूनियन म्यूचुअल फंड ने एक नई थीम आधारित स्कीम लॉन्च की है. यह फंड बढ़ती खपत की लहर में निवेशकों को लंबी अवधि का अवसर देने का दावा करता है. यूनियन म्यूचुअल फंड ने ‘यूनियन कंजम्पशन फंड’ नाम से नया ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम लॉन्च किया है. यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 1 दिसंबर 2025 से खुला है और 15 दिसंबर 2025 को बंद होगा. भारत में खपत बढ़ने, अर्थव्यवस्था में सुधार और बड़े संरचनात्मक बदलावों के बीच यह फंड मार्केट में उतारा गया है.
अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण बदलाव बने आधार
पिछले एक साल में सरकार ने टैक्स में कटौती. GST 2.0 सुधार. आठवां वेतन आयोग. महंगाई में लगातार कमी और बेहतर मॉनसून जैसे बड़े फैसले किए हैं. इन बदलावों से खपत में तेज उछाल आने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 19 साल में कंजम्पशन इंडेक्स ने बाजार से 13 गुना बेहतर प्रदर्शन किया है.
RISE फ्रेमवर्क से काम करेगा फंड
यूनियन AMC के CEO मधु नायर के मुताबिक यह फंड R.I.S.E. फ्रेमवर्क पर आधारित है.
R – Reach (रीच)- ऐसी कंपनियां जो उत्पादों और सेवाओं को अधिक सुलभ बना रही हैं. जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स. पैकेट फूड. क्यूएसआर चेन.
I – Intermediates (इंटरमीडिएट्स)- ऐसे व्यवसाय जो खपत को आसान बनाते हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म. फिनटेक कंपनियां. वित्तीय सेवाएं.
S – Spend Up (प्रीमियम खर्च)- ऐसी कंपनियां जो प्रीमियम उत्पादों जैसे एसयूवी बाजार, रियल एस्टेट आदि पर फोकस करती हैं.
E – Experience (अनुभव आधारित खर्च)- ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और एंटरटेनमेंट जैसे सेक्टर में बढ़ता खर्च.
साल 2030 तक खपत में बड़ा उछाल
IMF की रिपोर्ट बताती है कि 2008 के बाद से भारत की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है. 2030 तक यह 1.6 गुना और बढ़ सकती है. 2023 के 11.3 करोड़ मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवार 2030 तक बढ़कर 18 करोड़ होने का अनुमान है. यानी 60% की बढ़ोतरी. यह बढ़ती खपत का सबसे बड़ा आधार बन सकता है.
किन निवेशकों के लिए है यह फंड
यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक उपभोग ट्रेंड का लाभ लेना चाहते हैं, विविध उपभोग क्षेत्रों. मास मार्केट से लेकर प्रीमियम कैटेगरी तक. में निवेश करना चाहते हैं. साथस ही स्थिर और तेज दोनों तरह की ग्रोथ में संतुलित भागीदारी चाहते हैं.
टैग्स