BSE सेंसेक्स 592.67 अंक गिरकर 84,404.46 पर पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 176.05 अंक की गिरावट के साथ 25,877.85 पर बंद हुआ.
भारत भूमि फंड और बूट्स के बीच यह पार्टनरशिप निवेशकों को मजबूत रिटर्न देने के साथ-साथ भारत की लो-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा.
भारत की वास्तविक स्वायत्तता केवल सैन्य शक्ति और आर्थिक आधार से नहीं, बल्कि तकनीकी क्षमताओं और नवाचार पर निर्भर है.
सोलेक्स एनर्जी और आईएससी कोंस्टांज की साझेदारी भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.
तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और स्थिर मांग ने सोहना को एनसीआर की नई निवेश राजधानी बना दिया है. यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में गुरुग्राम की ग्रोथ स्टोरी को और आगे ले जाएगा.
यह आयोजन भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, तकनीकी नवाचार और “Make in India” अभियान को मजबूती प्रदान करता है.
एलआईसी का यह कदम इस बात का संकेत है कि कंपनी दीर्घकालिक निवेश के लिए भारतीय एफएमसीजी सेक्टर को अत्यंत संभावनाशील मान रही है. टाटा कंज्यूमर और डाबर जैसे मजबूत ब्रांड्स में बढ़ती हिस्सेदारी एलआईसी की संतुलित और दूरदर्शी निवेश नीति को दर्शाती है.liv
नई समयसीमाओं से उन्हें दस्तावेज़ तैयार करने, त्रुटियों को सुधारने और समय पर रिटर्न दाखिल करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा.
लेंसकार्ट का आईपीओ भारतीय बाजार में सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक साबित हो सकता है. SBI MF और राधाकिशन दमानी जैसे दिग्गज निवेशकों की एंट्री से कंपनी की साख और निवेशकों का भरोसा दोनों और मजबूत हुआ है.
बुधवार को BSE का सेंसेक्स 368.97 अंक बढ़कर 84,997.13 पर और NSE निफ्टी 117.70 अंक चढ़कर 26,053.90 पर पहुंचा.
SBI की रिपोर्ट में कहा गया है “वैश्विक व्यापार में स्थायी संतुलन के लिए संरक्षणवाद नहीं, बल्कि संरचनात्मक सुधार और वित्तीय पुनर्संतुलन आवश्यक हैं.
छोटे वित्तीय बैंक (SFBs) इस वित्तीय वर्ष में मजबूत उधार वृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें कुल उधार लगभग ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16-17% की वृद्धि दर्शाता है.
boAt का IPO उसके ब्रांड की बढ़ती लोकप्रियता और घरेलू विनिर्माण पर फोकस को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. कंपनी का उद्देश्य न केवल भारतीय उपभोक्ता टेक बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखना है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपने विस्तार को तेज करना है.
दिल्ली में चर्चा है कि कोबरा पोस्ट के अगले खुलासे में नाम न बताया गया “कॉरपोरेट दिग्गज” अनिल अंबानी समूह हो सकता है. अनुमान है कि यह पुराने आरोपों का नया पैकेज होगा, न कि नए सत्यापित साक्ष्यों का भंडार.
जुगेशिंदर “रॉबी” सिंह सिर्फ एक मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे कॉरपोरेट योद्धा हैं जो संकट को चुनौती की तरह लेते हैं और तर्क, आंकड़ों व आत्मविश्वास के मेल से उसे अवसर में बदल देते हैं.
सेबी का यह कदम निवेशकों के लिए वित्तीय लेन-देन को अधिक सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा. अब निवेशकों को अपने परिवार के बीच म्यूचुअल फंड यूनिट्स ट्रांसफर या गिफ्ट करने में कोई जटिलता नहीं झेलनी होगी.
ऑर्कला इंडिया का IPO फूड सेक्टर में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. कंपनी के मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो, निवेशकों की बढ़ती रुचि और ग्रे मार्केट में प्रीमियम संकेत देते हैं कि यह IPO लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर हो सकता है.
नीति आयोग की नई रिपोर्ट में सेवाओं में रोजगार वृद्धि के साथ-साथ धीले ढांचेगत बदलाव, शहरी–ग्रामीण और लैंगिक अंतराल व कम-मूल्य रोजगार की चुनौतियों पर चेतावनी दी गई है.
भारत में कारों पर जीएसटी दरों में कटौती ने न केवल ऑटो सेक्टर को फिर से पटरी पर लाया है, बल्कि उपभोक्ता सोच और खरीदारी के नजरिए में भी गहरा बदलाव किया है.
मंगलवार को BSE का सेंसेक्स 150.68 अंक गिरकर 84,628.16 पर बंद हुआ. वहीं, NSE का निफ्टी 29.85 अंक टूटकर 25,936.20 पर बंद हुआ.