इजरायल-हमास युद्ध के बीच भारत के लिए कतर से भी टेंशन वाली खबर आ गई है. यदि कतर से तनाव बढ़ता है, तो कारोबारी रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं.
मौजूदा समय में भारत में सिर्फ 5G तकनीक पर काम नहीं हो रहा है बल्कि 6जी पर भी तेजी से हो रहा है.
पिछले साल के मुकाबले आम के निर्यात में तेजी आई है. सबसे ज्यादा आम अमेरिका को भेजा गया है.
कोरोना काल में Edtech कंपनियों का कारोबार काफी तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
आरबीआई के इस फैसले से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की सेहत में बड़ा बदलाव आने की संभावना है. लिमिट बढ़ने से उनके पास लिक्विडिटी की कमी भी नहीं होगी.
इस तकनीक के जरिए देश के उन हिस्सों में इंटरनेट की सेवा मुहैया कराई जा सकेगी जो इलाके चुनौतीपूर्ण हैं. इस तकनीक से उन इलाकों में बेहतरीन सेवा दी जा सकेगी.
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी के प्रॉफिट और रिवेन्यु में उछाल आया है.
ईशा, आकाश और अनंत अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्री के बोर्ड में एंट्री को लेकर शेयरधारकों ने अपना फैसला सुना दिया है.
कारोबारी किशोर बियानी की फ्यूचर एंटरप्राइजेज को खरीदने की जंग बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. कंपनी पर भारी-भरकम कर्जा है.
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 10 साल पहले तक टेलीकॉम सेक्टर की पहचान लीगल स्कैम को लेकर हुआ करती थी लेकिन आज इसे बदलाव के लिए जाना जा रहा है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारत की वर्क प्रोडक्टिविटी सबसे कम है. उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए इसे बढ़ाने की जरुरत पर जोर दिया.
दरअसल कंपनी मानकर चल रही है कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में वो दिन दूर नहीं है जब ग्रीन हाइड्रोजन 1 डॉलर से कम कीमत पर उपलब्ध हो पाएगी.
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. इन आरोपों की वजह से सेबी की भूमिका पर भी सवाल उठे थे.
शेयर बाजार के लिए आज सप्ताह का आखिरी कारोबारी दिन है. आज भी बाजार से मिलीजुली प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है.
ओला इलेक्ट्रिक तमिलनाडु में भारत की पहली लीथियम ऑयन सेल फैक्ट्री लगाने की तैयारी कर रही है. ये फैक्ट्री अगले साल तक शुरू हो सकती है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि तुरंत सूचना दिए जाने के बावजूद बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके कारण 22 दिसंबर 2021 पीड़ित को नुकसान का सामना करना पड़ा.
चुनावी मौसम में मोदी सरकार कोई रिस्क मोल लेना नहीं चाहती, इसलिए विनिवेश की प्रक्रिया को धीमा कर दिया है.
ज्यादातर जानकार इसी बात की आशंका जता रहे हैं मौजूदा बाजार के हालातों के बीच शेयर की कीमत और कम हो सकती है.
पंजाब नेशनल बैंक के तिमाही नतीजे अच्छे रहने का पॉजिटिव असर बैंक के शेयरों पर भी दिखाई दे रहा है.
उन्होंने कहा कि नोट करेंसी के मुकाबले डिजिटल करेंसी कम खर्चीली और आसानी से पे की जाने वाली साबित होगी.