बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने कर्ज में डूबी रोल्टा इंडिया के लिए बोली लगाई है.
पेटीएम पर हुई कार्रवाई के बाद से लगातार लोगों के मन में पेमेंट बैंक और वॉलेट को लेकर कई सवाल चल रहे हैं. आरबीआई ने उन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश की है.
अब तक कई लोग इस एयरलाइन को उबारने के लिए अपना प्लान सौंप चुके हैं. कंपनी पर 6521 करोड़ रुपये का कर्ज है.
जब से आरबीआई की ओर से पेटीएम के खिलाफ कदम उठाया गया है तब से लेकर अब तक लगातार कंपनी के शेयरों में कमी हो रही है.
बुजुर्ग दंपत्ति ने पहले से ही व्हीलचेयर के लिए रिक्वेस्ट किया था लेकिन बावजूद इसके उन्हें सुविधा नहीं मिली.
दोनों कंपनियां भारत के ईवी बाजार में तेजी से अपने पांव पसारने की है. कंपनी अपनी कारों के उत्पादन को बढ़ाने को लेकर भी तेजी से काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि 4 खातों को सीज कर दिया गया है जिसके कारण पार्टी के रोजना खर्च से लेकर कर्मचारियों की सैलरी देने का संकट आ गया है. उन्होंने इस कदम को डेमोक्रेसी के खिलाफ बताया.
ओपन एआई के इस नए टूल की जांच फिलहाल रेड टीम कर रही है. ये टीम यूजर के पास आने से पहले नए टूल की बारीकी से जांच कर रही है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की चौथी किश्त का आज आखिरी दिन है. 12 फरवरी से इस किश्त की शुरुआत हुई थी.
रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद से Paytm के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं. कंपनी को हर रोज बड़े झटके लग रहे हैं.
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. फिलहाल इस सेक्टर में टाटा का दबदबा है.
किसानों और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पाई है. आज किसानों ने भारत बंद बुलाया है.
शेयर बाजार के लिए आज सप्ताह का आखिरी कारोबारी दिन है और आज के लिए कुछ शेयरों में तेजी के संकेत मिले हैं.
हाल ही में रिजर्व बैंक के गवर्नर ने पेटीएम के खिलाफ हुई कार्रवाई की किसी भी तरह की समीक्षा से इंकार कर दिया था.
IPO लाने वाली कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड कंप्यूटिंग और नेटवर्क सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम करती है. कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजे भी बेहतर रहे हैं.
शेयर बाजार में आज तेजी दिखाई दी. BSE और NSE दोनों ग्रीन लाइन पर बंद हुए हैं.
कंपनी के तिमाही नतीजे बता रहे हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस बार की स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है. पिछले साल कंपनी को नुकसान हुआ था.
जलवायु अनुकूलन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सही से सामना करने के लिए लक्ष्य ये होना चाहिए कि सहयोगी गठबंधनों को बढ़ावा दिया जाए.
2021-22 और 2022-23 के आंकड़ों को देखें तो बीजेपी और NPEP वो पार्टी है जिसके डोनेशन में इजाफा हुआ है जबकि बाकी सभी पार्टियों में कमी हुई है.
बीएसई और एनएसई द्वारा बताया गया है कि के शनिवार को शेयर बाजार में कारोबार होगा.