कंपनी का मकसद जापान में 5000 कर्मचारियों और बाकी दूसरे देशों से 5000 कर्मचारियों की नौकरी में कटौती करना है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना एक दूरदर्शी पहल थी, जिसका उद्देश्य देश की पारंपरिक सोना-प्रिय मानसिकता को सुरक्षित और आर्थिक दृष्टि से बेहतर विकल्प की ओर मोड़ना था.
भारत के मार्केटिंग, मीडिया और हेरिटेज सेक्टर के अनुभवी आनंद भारद्वाज ने नए अपैरल ब्रांड की स्थापना की है.
नुकसान के बावजूद कंपनी की कमाई में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है. स्विगी ने इस तिमाही में 4,410 करोड़ रुपये की ऑपरेशनल कमाई की.
कंपनी ने बताया कि समीर शाह अपना नोटिस पीरियड पूरा करने के बाद 31 जुलाई 2025 से अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे.
भारत ने स्पष्ट रूप से आशंका जताई है कि यह धनराशि आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है.
CCPA ने सुरक्षा कारणों से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजकर बिना लाइसेंस बिक रहे डिवाइसेज पर चिंता जताई है.
पाकिस्तान के साथ संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच बैंकों की साइबर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक बैठक की.
रिजर्व बैंक ने ग्राहक सेवाओं में कोताही बरतने को लेकर एसबीआई और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक पर मोटा जुर्माना ठोका है. सबसे बड़ा जुर्माना तो एसबीआई पर ठोका है.
सितंबर, 2024 के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी केवल तात्कालिक नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में डिफेन्स सेक्टर के प्रदर्शन में निरंतर सुधार का संकेत हो सकती है.
कंपनी ने बयान में कहा कि यह निवेश ReNew फोटोवोल्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड (रिन्यू फोटोवोल्टिक्स) में किया जाएगा, जो भारत में कंपनी की सौर विनिर्माण क्षेत्र के लिए ही कंपनी है.
इस योजना की शुरुआत महाराष्ट्र से होगी और इसमें करीब 1600 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.
समझौता पहले से चल रही 570/900 मेगावाट वांग्चू जलविद्युत परियोजना पर आधारित है. इसमें DGPC की हिस्सेदारी 51% और अदाणी ग्रुप की हिस्सेदारी 49% है.
ICICI लोम्बार्ड की CIRI 2024 रिपोर्ट यह संकेत देती है कि कॉरपोरेट इंडिया अब केवल संकटों से निपटने में विश्वास नहीं रखता, बल्कि उन्हें अवसर में बदलने की रणनीति पर काम कर रहा है.
भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र समय-समय पर आए संघर्षों और युद्धों के दौरान अस्थायी मंदी का सामना जरूर करता है, लेकिन इसका मूल ढांचा और दीर्घकालिक मांग स्थिर बनी रहती है.
2023 में साइन हुए पहले समझौते (MoU) को आगे बढ़ाते हुए, अब दोनों संस्थाएं आने वाले 5 सालों में कई रणनीतिक योजनाएं शुरू करेंगी.
संजय चौधरी लिखते हैं हालाँकि राहु और केतु चुनौतियाँ ला सकते हैं, लेकिन इनके प्रभाव को समझने से व्यक्ति इन परिवर्तनों को अधिक जागरूकता के साथ झेल सकता है.
GlobalData नाम की डेटा और एनालिटिक्स कंपनी का कहना है कि यह बदलाव दिखाता है कि अब इस क्षेत्र में कौन आगे बढ़ रहा है और कौन पीछे रह रहा है.
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और ड्रोन-मिसाइल हमलों के बाद देश के कई राज्यों में एहतियात के तौर पर सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं.