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सबसे ज्यादा भारतीयों को नागरिकता दे रहे हैं ये देश, जानते हैं कौनसे हैं ये देश?
रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में जिस साल कोरोना फैला उस साल भी भारत इस श्रेणी में नंबर वन पर रहा. जबकि चीन इस कैटेगिरी में दूसरे नंबर पर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में भारतीय इकोनॉमी कई गुना तेजी से आगे बढ़ रही है. मौजूदा समय में भारत ही ऐसा देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था 6.3 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ रही है. इसका असर सिर्फ ग्रोथ के आंकड़ों पर ही देखने को नहीं मिल रहा है बल्कि कई अन्य मोर्चों पर भी देखने को मिल रहा है. हाल ही में सामने आई इंटरनेशनल माइग्रेशन आउटलुक 2023 की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारतीय दुनिया भर के देशों में नागरिकता प्राप्त करने में सबसे पहले नंबर पर हैं. सभी देशों में अमेरिका ऐसा देश जहां सबसे ज्यादा भारतीय नागरिकता ले रहे हैं. आंकड़े बता रहे हैं कि यहां 2021 और 2022 के बीच 174 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
रिपोर्ट बताती है कि ओसीडी जैसे देशों में नागरिकता प्राप्त करने वाले विदेशियों में सबसे ज्यादा भारतीय शामिल हैं. इनकी संख्या इस साल 28 लाख तक पहुंच चुकी है. अगर इस आंकड़े की तुलना 2021 से की जाए तो इसमें 25% तक का इजाफा हुआ है. हालांकि इस रिपोर्ट में किन देशों के नागरिकों ने विदेशों में नागरिकता ली है उसका जानकारी विस्तार से नहीं दी गई है.
लेकिन 2019 के बाद ओईसीडी (ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनामिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट) देश की नागरिकता प्राप्त करने वाले सोर्स देश के रूप में भारत का नाम टॉप पर है. 2021 में जहां 1.3 लाख भारतीयों ने ओईसीडी देश की नागरिकता हासिल की. जबकि 2019 में यह संख्या 1.5 लाख थी. इस लिस्ट में चीन 57000 नागरिकों के साथ पांचवें स्थान पर है, जिसके नागरिकों ने ओईसीडी देश की नागरिकता प्राप्त की है.
आखिर क्या है ओसीडी?
ओसीडी का मतलब है ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनामिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट. इस संगठन में 38 देश शामिल हैं. इन 38 देशों में जिनने सबसे ज्यादा भारतीयों को अपनी नागरिकता दी है, उनमें सबसे पहले नंबर पर अमेरिका शामिल है. यहां तकरीबन 56000 लोगों ने नागरिकता ली है. इसके बाद दूसरे नंबर पर आता है ऑस्ट्रेलिया जहां 24000 भारतीयों ने नागरिकता ली है कनाडा तीसरे नंबर पर है जहां 21000 भारतीयों ने नागरिकता ली है. यह तीन देश भारतीय अप्रवासियों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में सामने आए हैं.
2021 में इतने भारतीयों ने ली नागरिकता
2021 में भारत से दूसरे देशों में नागरिकता लेने वाले लोगों की संख्या पर नजर डालें तो यह आंकड़ा चार लाख तक चला जाता है. 4 लाख के इस आंकड़े में छात्र शामिल नहीं है. सभी देशों से ओईसीडी देशों में नागरिकता लेने वाले नागरिकों में भारत की हिस्सेदारी 7.5% है. अगर देखा जाए तो 2019 की तुलना में इसमें केवल 3% का इजाफा हुआ है. जबकि आंकड़े बता रहे हैं कि 2020 में महामारी के कारण केवल 220000 लोगों ने ही विदेशों में नागरिकता ली थी.
इसका एक प्रमुख कारण सीमाओं का सील होना भी था. जबकि भारत के बाद चीन ऐसा दूसरा देश है, जहां के 230000 नागरिकों ने 2020 में दूसरे देशों की नागरिकता ली है. विदेश में नागरिकता लेने के मामले में चीन की हिस्सेदारी 5.2% है. 2020 में रोमानिया तीसरे नंबर पर रहा, जहां से तकरीबन दो लाख लोगों ने विदेशों में नागरिक ताली उसकी हिस्सेदारी कोई चार प्रतिशत थी.
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