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अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव कल, ऋषिकेश में जुटेंगे 25 से अधिक देशों के योगाचार्य
अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के लिए 88 देशों से लगभग एक हजार प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश द्वारा 35वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन 8 मार्च को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) श्गुरमीत सिंह परमार्थ करेंगे. परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक डॉक्टर साध्वी भगवती सरस्वती ने इस बारे में जानकारी दी.
88 देशों के प्रतिभागी
साध्वी भगवती सरस्वती ने बताया कि कई साल पूर्व 16 से 18 प्रतिभागियों के साथ इस योग यात्रा की शुरुआत हुई थी, जो आज एक वटवृक्ष की तरह विशाल हो गया है और पूरे विश्व को योगमय करने के लिये प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक 88 देशों से लगभग एक हजार प्रतिभागियों ने पंजीकरण कर लिया है और 25 से अधिक देशों से 75 योगाचार्य अपनी उत्कृष्ट विधाओं के साथ अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सहभाग कर रहे हैं.
भारत में विश्व का दर्शन
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि योग खुद से जुड़ने की यात्रा है, और यही संदेश हमारे पर्व और त्यौहार भी हमें देते हैं. हम अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के माध्यम से वैश्विक स्तर तक भारत की अमूल्य धरोहर योग, अतुलनीय संस्कृति, वसुधैव कुटुम्बकम् का मंत्र और विविधता में एकता की संस्कृति को पहुंचाने का प्रयास करते हैं, उसमें मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. योग महोत्सव के माध्यम से हम भारत में पूरे विश्व का दर्शन करते हैं और पूरा विश्व मां गंगा के इस पावन तट पर पूरे भारत को देखता हैं.
साधकों को दिया संदेश
अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के अनेक देशों से सेवा देने आये साधकों को स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने संदेश दिया कि यह योग महोत्सव खुद को संवारने, तराशने और तलाशने का है. आप सभी प्रभु के यंत्र के रूप में अपनी सेवायें प्रदान करें. मैट पर योग करने के साथ ही आपस में भी योग (मेलजोल) करें यही वास्तव में योग है. यह अंतर्राष्ट्रीय फेस्टिवल के साथ अन्तर (आत्मा) का भी पर्व है.
विशेष योगाभ्यास
विशेष योगाभ्यास सुबह 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक होगा, जिसमें प्रमुख रूप से अष्टांग योग, आयंगार योग, हठ योग, राज योग, भक्ति योग, गंगा योग, ध्यान, मुद्रा, वैदिक मंत्र, संस्कृतवाचन, आयुर्वेद, रेकी, लीला योग, विन्यास योग, कुण्डलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिन्तोह योग, सेमैटिक योग, डीप योग, नाड़ी योग एवं भारतीय दर्शन,द रूट आफ यम, योग राग, सूर्योदय नाद, श्रीकृष्ण बांसुरी राग, कास्मिक हार्ट, की भी कक्षाएं होंगी.
सरकार का सहयोग
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के माध्यम से वैश्विक स्तर पर भारत की संस्कृति, दर्शन, समृद्ध विरासत, धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है.
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