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न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक का सरस्वत बैंक में विलय, 4 अगस्त से लागू
RBI की मंजूरी के बाद 1.22 लाख जमाकर्ताओं को राहत, फरवरी से थी निकासी पर रोक
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (NICBL) का सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक में विलय मंजूर कर दिया है. यह विलय 4 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा और इससे न्यू इंडिया बैंक के 1.22 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी निकासी पर फरवरी से रोक लगी हुई थी.
RBI ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 44A(4) के तहत इस विलय योजना को मंजूरी दी है. दोनों बैंकों के निदेशक मंडल और शेयरधारकों से पहले ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी थी. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरस्वत बैंक अब NICBL की सभी संपत्तियों और देनदारियों का अधिग्रहण करेगा. NICBL की 27 शाखाएं अब सरस्वत बैंक के रूप में पुनः ब्रांडेड होकर कार्य करेंगी.
NICBL को 13 फरवरी 2025 को RBI ने मोरेटोरियम के तहत रखा था, जब बैंक में 122 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया. इस घोटाले में पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता और पूर्व सीईओ अभिमन्यु भोअन शामिल थे, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिरता पर असर पड़ा और नियामकीय हस्तक्षेप जरूरी हो गया.
यह विलय दो को-ऑपरेटिव बैंकों के बीच आकार में भारी अंतर को दर्शाता है. सरस्वत बैंक देश का सबसे बड़ा शहरी को-ऑपरेटिव बैंक है, जिसने मार्च 2025 तक कुल ₹91,814 करोड़ का कारोबार दर्ज किया, जिसमें ₹55,481 करोड़ जमा और ₹36,333 करोड़ अग्रिम शामिल हैं. इसके मुकाबले NICBL का कुल कारोबार लगभग ₹3,560 करोड़ था, जिसमें जमा ₹2,250–₹2,398 करोड़ और अग्रिम ₹1,100–₹1,162 करोड़ के बीच रहा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ NICBL के जमाकर्ताओं के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि सहकारी बैंकिंग प्रणाली में विश्वास बहाल करने में भी मदद करेगा.
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