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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय सम्मेलन
"भारत में महिलाएं: समानता, स्वतंत्रता और सशक्तिकरण की ओर" विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी 8-10 मार्च 2025 को "भारत में महिलाएं: समानता, स्वतंत्रता और सशक्तिकरण की ओर" विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है. यह सम्मेलन सोनीपत में विश्वविद्यालय के परिसर में होगा. इसमें शिक्षा, उद्योग, समाज, प्रशासन, मीडिया, कला और साहित्य से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे.
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रंजना पी. देसाई (पूर्व न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और अध्यक्ष, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया) ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले और कानून बनाए गए हैं. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी समान अवसर मिलना जरूरी है.
शालू जिंदल (चेयरपर्सन, जिंदल फाउंडेशन) ने उद्घाटन भाषण में कहा कि महिलाओं का योगदान देश के इतिहास, अर्थव्यवस्था और समाज में बहुत महत्वपूर्ण है. हालांकि, अभी भी कार्यस्थल पर वेतन असमानता और भेदभाव की समस्याएं बनी हुई हैं.
प्रो. क्रिस्टियाना ओचोआ (डीन, माउरर स्कूल ऑफ लॉ, इंडियाना यूनिवर्सिटी) ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को आगे बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. विश्व बैंक के अनुसार, लड़कियों की हर अतिरिक्त शिक्षा का वर्ष उनकी भविष्य की कमाई को 20% तक बढ़ा सकता है.
प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार (कुलपति, ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी) ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अगर महिलाओं की समानता (Gender Equality) पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करना मुश्किल होगा.
सम्मेलन में होने वाले चर्चाएं और सत्र:
1. राजनीति और प्रशासन में महिलाएं– इस सत्र में राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, डॉ. फौज़िया खान, रेखा शर्मा और डॉ. सस्मित पात्रा भाग लेंगे.
2. उद्यमिता (Entrepreneurship) में लैंगिक समानता– इसमें विभिन्न उद्योगों की महिला लीडर्स शामिल होंगी, जैसे बेनू सहगल (सीओओ, स्प्लेंडर लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स), श्रुति स्वरूप (सीईओ, इंटरनेशनल इनक्लूजन अलायंस) आदि.
3. शिक्षा और महिला सशक्तिकरण– शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञ इस पर चर्चा करेंगे, जैसे पिया सिंह (डायरेक्टर, डीएलएफ), मनविंदर कौर (प्रधानाचार्य, प्रेसिडियम स्कूल), रेखा कृष्णन (प्रधानाचार्य, वसंत वैली स्कूल) आदि.
4. सिनेमा और महिलाओं की भूमिका– इस सत्र में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रॉनी स्क्रूवाला (संस्थापक, यूटीवी और अपग्रेड) शामिल होंगे.
5. कला और साहित्य में महिलाएं– प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना गीता चंद्रन, रंगमंच विशेषज्ञ कीर्ति जैन, लेखिका सुकृति पॉल कुमार, और विरासत विशेषज्ञ गुरमीत संगा राय इसमें भाग लेंगी.
6. समापन भाषण– समापन पर अनुप्रिया पटेल (केंद्रीय राज्य मंत्री, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण) "भविष्य की समावेशी दुनिया और लैंगिक समानता" विषय पर अपना संबोधन देंगी.
सम्मेलन का उद्देश्य:
• महिलाओं को समान अवसर और अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा
• कार्यस्थल, शिक्षा और सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के तरीकों पर विचार
• महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े व्यावहारिक समाधान निकालना.
यह सम्मेलन महिलाओं की समानता, स्वतंत्रता और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें नीतिगत बदलावों और ठोस समाधान की तलाश की जाएगी.
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