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IndiGo में अभूतपूर्व उड़ान संकट: 1,232 फ्लाइट कैंसिल, डीजीसीए की सख्ती और पायलट यूनियनों के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
अचानक हुए इस व्यवधान ने यात्रियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले एक महीने से अपने इतिहास के सबसे बड़े परिचालन संकटों में से एक का सामना कर रही है. नवंबर 2025 में एयरलाइन ने 1,232 उड़ानें रद्द कीं, जिनमें से 750 से अधिक फ्लाइट क्रू उपलब्धता और रोस्टरिंग समस्याओं के कारण थीं. दिसंबर के पहले हफ्ते में स्थिति और बिगड़ी—3–4 दिसंबर के बीच हैदराबाद एयरपोर्ट पर ही 58 उड़ानें रद्द हो गईं, जबकि 4 दिसंबर को देशभर में करीब 180 उड़ानें कैंसिल हुईं.
अचानक हुए इस व्यवधान ने यात्रियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है, साथ ही एयरलाइन की प्रबंधन क्षमता, सेफ्टी कल्चर और भारत की बढ़ती हवाई यात्रा मांग के बीच सिस्टम की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सोशल मीडिया पर लंबी कतारों, देरी और अव्यवस्था की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिससे इंडिगो की समयपालन वाली ब्रांड छवि को झटका लगा है.
इस संकट की जड़ में DGCA के संशोधित Flight Duty Time Limitations (FDTL) हैं. नए नियमों में पायलटों और केबिन क्रू के लिए ज्यादा आराम अवधि, लगातार नाइट ड्यूटी पर रोक और ड्यूटी आवर्स की नई सीमा तय की गई है.
DGCA ने एयरलाइनों को स्टैंडबाय क्रू बफर रखने और फटीग मैनेजमेंट रिपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया है. अन्य एयरलाइनों ने इन बदलावों को सीमित समायोजन के साथ लागू कर लिया, लेकिन इंडिगो के अत्यधिक घनत्व वाले शेड्यूल और कम क्रू अनुपात ने स्थिति को जटिल बना दिया. नतीजतन, बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं.
इंडिगो का बयान: कई 'अनपेक्षित चुनौतियों' का असर
इंडिगो ने सफाई दी कि हालिया व्यवधान कई “अनपेक्षित परिचालन चुनौतियों” का परिणाम है— शेड्यूल बदलाव, मामूली तकनीकी गड़बड़ियां, खराब मौसम, एयरस्पेस कंजेशन, और नए रोस्टरिंग नियमों का प्रभाव.
एयरलाइन ने दावा किया कि उसने अब अतिरिक्त स्टैंडबाय पायलट तैनात कर दिए हैं और संचालन स्थिर करने की कोशिश की जा रही है. इंडिगो ने कहा कि सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौजूदा समस्या अस्थायी परिचालन बाधा है, न कि कोई संरचनात्मक विफलता.
डीजीसीए ने एयरलाइन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि व्यापक कैंसिलेशन महज पायलट की गैर-हाजिरी नहीं, बल्कि गहरी परिचालन समस्याओं का संकेत हैं. नियामक ने कहा: “बार-बार व्यवधान पर सख्त कार्रवाई की जाएगी—जिसमें पेनल्टी, स्लॉट में कटौती और अतिरिक्त ऑडिट शामिल हैं.” साथ ही सभी एयरलाइनों को यात्रियों को समय पर जानकारी, विकल्प उपलब्ध कराने और पर्याप्त ग्राउंड सपोर्ट सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
Federation of Indian Pilots (FIP) ने DGCA को पत्र लिखकर कहा कि इंडिगो की “लंबे समय से चली आ रही लीन स्टाफिंग रणनीति” इस संकट की निर्णायक वजह है. संस्था ने सुझाव दिया कि मौसमी शेड्यूल तभी मंजूर किए जाएं जब एयरलाइन नए FDTL नियमों के अनुसार पर्याप्त स्टाफिंग दिखा सके. ALPA ने भी हालिया अव्यवस्था को “प्रोएक्टिव रिसोर्स प्लानिंग की विफलता” बताया. उनके अनुसार कम स्टाफ और आक्रामक शेड्यूलिंग पीक सीजन में किसी भी छोटी समस्या को बड़े परिचालन संकट में बदल देती है.
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