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यूपी, बिहार, पंजाब की 'रानी' ने बढ़ाई कमाई, तो दक्षिण भारत ने बनाई अपनी 'महारानी'
एक आंकड़े के अनुसार, 'KGF चैप्टर 2' ने सिर्फ हिंदी डब से 435 करोड़ रुपये कमाए थे. इस फिल्म ने पूरे देश में धमाल मचा दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: आज से तीन-चार साल पीछे चले जाइए, तो आपको साउथ की इक्का-दुक्का फिल्में ही हिंदी भाषा में रिलीज होती दिखती होंगी, लेकिन आज की बात करें तो साउथ की लगभग सभी फिल्में हिंदी भाषा में डब होकर रिलीज हो रही हैं. इसके पीछे बड़ा कारण है- हिंदी की बढ़ती ताकत और उससे होने वाली कमाई. जब बात कमाई की आती है तो किसी भाषा से कोई बैर नहीं होता. साउथ फिल्मों को हिंदी भाषा से होने वाली तगड़ी कमाई की ताकत का अहसास हो गया.
कमाई का 62 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ साउथ इंडिया फिल्मों का
CII की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में देश भर की बॉक्स ऑफिस पर होने वाली कमाई का 62 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ साउथ इंडिया फिल्मों का है. इस 62 प्रतिशत हिस्से में भी सबसे ज्यादा शेयर हिंदी डब फिल्मों का है. यही नहीं, यह शेयर लगातार बढ़ता ही जा रहा है, जो यह बता रहा है कि हिंदी की ताकत तेजी से बढ़ रही है.
'KGF चैप्टर 2' ने हिंदी डब से 435 करोड़ रुपये कमाए
एक आंकड़े के अनुसार, 'KGF चैप्टर 2' ने सिर्फ हिंदी डब से 435 करोड़ रुपये कमाए थे. इस फिल्म ने पूरे देश में धमाल मचा दिया था. 'RRR' भी आपको याद होगी. इस फिल्म के हिंदी संस्करण ने 265 करोड़ रुपये की कमाई की थी. 'पुष्पा...झुकेगा नहीं साला' डायलॉग हिंदी में होने के कारण ही खूब पॉपुलर हुआ. 'पुष्पा: द राइज भाग-1' ने हिंदी डब से 106 करोड़ रुपये की कमाई की थी. इतनी कमाई तो हमारी आज की बॉलीवुड फिल्में (ब्रह्मास्त्र को छोड़कर) भी नहीं कमा पा रहीं.
सिंगल स्क्रीन वाला वर्ग ज्यादातर हिंदी भाषी
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि कोविड के बाद जब सिनेमाघर खुले, तब डब फिल्मों के कलेक्शन की हिस्सेदारी 70 फीसदी हो गई. आज भी सिनेमा देखने वालों का एक बड़ा वर्ग सिंगल स्क्रीन का है, जिनका रुझान साउथ इंडियन फिल्मों की तरफ तेजी से बढ़ा है. इसका बड़ा कारण इन फिल्मों का हिंदी डब में रिलीज होना है. सिंगल स्क्रीन वाला वर्ग ज्यादातर हिंदी भाषी है. यही कारण है कि साउथ इंडियन फिल्म्स हिंदी भाषा को महत्व देने पर मजबूर हो गए, क्योंकि उसे इस भाषा से पैसे कमाने की ताकत का पता चल गया.
हिंदी में डब हुईं 18 फिल्मों ने तहलका मचा दिया
SBI की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2021 से लेकर 11 अगस्त 2022 तक 61 हिंदी फिल्में रिलीज हुईं. इनमें हिंदी में डब होने वाली साउथ फिल्में और इंग्लिश फिल्में भी शामिल हैं. इस दौरान, इन फिल्मों ने कुल 3200 करोड़ रुपये की कमाई की, जिनमें 48 फीसदी कमाई की हिस्सेदारी सिर्फ 18 डब फिल्मों की है. इन 18 हिंदी डब फिल्मों की IMDB रेटिंग औसतन 7.3 थी. इसी से अंदाज लगा सकते हैं कि हिंदी में डब फिल्मों की डिमांड कितनी ज्यादा बढ़ गई है और इसे ही देखते हुए साउथ इंडिया और इंग्लिश फिल्मों को हिंदी भाषा में भी रिलीज किया जा रहा है.
इन तीन हिंदी भाषा राज्यों में साउथ फिल्मों का बोलबाला
साउथ इंडिया के फिल्मी कारोबार विशेषज्ञ रमेश बाला के अनुसार, साउथ इंडिया की फिल्में हिंदी भाषी क्षेत्र उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब में खूब चलती हैं. यहां रहने वाले लोगों को साउथ की फिल्मों का कंटेंट ज्यादा पसंद आ रहा है, क्योंकि उसमें एक्शन, रोमांश, गाना, कॉमेडी सब देखने को मिल जाता है, जो इन दिनों बॉलीवुड फिल्मों दिखाई नहीं देती. 30 सितंबर को मणि रत्नम की फिल्म Ponniyin Selvan भी रिलीज हो रही है. 500 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म हिंदी भाषा में भी रिलीज हो रही है.
हिंदी लोगों को अब पैसा दे रही
यही है हिंदी की ताकत. अब यह सिर्फ भाषा नहीं, कमाई का एक बड़ा जरिया भी बन गया है. जो इस भाषा को पसंद भी नहीं करते थे, मुनाफे मिलते ही इसके आगे शीश झुकाने को मजबूर हो चुके हैं.
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