होम / B टाउन / घर-घर में दिखाई देगी ‘डर’ का मतलब समझाने वाले ‘रामसे ब्रदर्स’ की कहानी

घर-घर में दिखाई देगी ‘डर’ का मतलब समझाने वाले ‘रामसे ब्रदर्स’ की कहानी

‘डर’ का मतलब समझाने वाले ‘रामसे ब्रदर्स’ पर बायोपिक बन रही है. हॉरर फिल्मों का ट्रेडमार्क बन चुके ‘रामसे ब्रदर्स’ के सफर को वेबसीरीज द्वारा दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

‘डर’ का मतलब समझाने वाले ‘रामसे ब्रदर्स’ पर बायोपिक बन रही है. हॉरर फिल्मों का ट्रेडमार्क बन चुके ‘रामसे ब्रदर्स’ के सफर को वेबसीरीज द्वारा दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा. पहले ‘रामसे ब्रदर्स’ के संघर्ष, परिश्रम, सफलता और शिखर पर पहुंचने की दास्तां को बड़े पर्दे पर पेश करने की तैयारी थी, लेकिन परिवार की गौरव गाथा को महज तीन घंटे में समेटना आसमान छूने जैसा है, इसलिए इसे वेबसीरीज की शक्ल देने का फैसला लिया गया. अजय देवगन और निर्माता प्रीति सिन्हा की टीम यह बायोपिक तैयार कर रही है. 

बिना खास टेक्नोलॉजी के कारनामा
70 से 90 के दशक के बीच ‘रामसे ब्रदर्स’ हॉरर फिल्मों के बेताज बादशाह थे. ‘वीराना’, ‘पुराना मंदिर', ‘पुरानी हवेली’, ‘बंद दरवाजा’ जैसे तमाम फिल्मों ने असल मायनों में बताया कि डर क्या होता है. थियेटर में फिल्म देखते हुए बीतने वाले वो 3 घंटे पर्दे के काल्पनिक डर को कुछ देर के लिए हकीकत में बदल देते थे. कैमरे के साथ घूमती निगाहें, बढ़ती दिल की धड़कनों के बीच अक्सर चीख पर आकर रुक जाती थीं. ‘रामसे ब्रदर्स’ उस ज़माने में बिना किसी खास टेक्नोलॉजी के अपनी क्रिएशन से लोगों की रौंगटे खड़े कर दिया करते थे, और यही हॉरर फिल्मों का उद्देश्य होता है. 

फैन्स के लिए अच्छी खबर
आज तमाम टेक्नोलॉजी मौजूद है, करोड़ों के बजट से हॉरर फ़िल्में बन रही हैं और चल भी रही हैं, लेकिन ‘रामसे ब्रदर्स’ वाले अंदाज की कमी कहीं न कहीं खलती हैं. जिस ऑडियंस ने ‘रामसे ब्रदर्स’ की फिल्मों को देखा है, वो इस कमी को साफतौर पर महसूस कर सकते हैं. हालांकि, अच्छी बात ये है कि इस ‘कमी’ को दूर करने की कोशिश शुरू हो चुकी है. ‘रामसे ब्रदर्स’ कुछ प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. दीपक रामसे ने ‘बिज़नेस वर्ल्ड’ को बताया कि ‘पुराना मंदिर' के रीमेक पर काम चल रहा है. इसके अलावा भी कुछ प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जिनके बारे में जल्द घोषणा की जाएगी. 

98% हॉरर और  2% हंसी
डराना और हंसना मुश्किल काम है, खासकर जब बात बड़े पर्दे की हो, तो ये मुश्किल कई गुना बढ़ जाती है. ‘रामसे ब्रदर्स’ को इन दोनों में ही महारथ हासिल है. उनकी फिल्में, जहां डराती हैं, वहीं बीच-बीच में कुछ पल के लिए लोगों को हंसने का मौका भी देती हैं. हालांकि, फिर भी इन फिल्मों को पूरी तरह से हॉरर-कॉमेडी नहीं कहा जाएगा. वैसे भी हॉरर कॉमेडी का कांसेप्ट भारत में बीते कुछ सालों में ही पसंद किया जाने लगा है, इससे पहले तक हॉरर फिल्में देखने लोग सिर्फ डरने ही जाते थे. ‘रामसे ब्रदर्स’ की फिल्मों में 98% हॉरर था, तो 2% हंसी-मजाक और ये कॉम्बिनेशन दर्शकों को खूब पसंद आता था. 

वेबसीरीज का बेसब्री से इंतजार
‘रामसे ब्रदर्स’ की फिल्मों को लेकर एक अलग ही क्रेज रहता था, तो ऐसे में यह सवाल भी बनता है कि परिवार में अपनी बायोपिक को लेकर कितना उत्साह है? इस सवाल के जवाब में दीपक रामसे कहते हैं, ‘निश्चित रूप से सभी बेहद उत्साहित हैं. फिल्म इंडस्ट्री में शुरूआती संघर्ष से लेकर परिवार के एक अलग मुकाम पर पहुंचने की कहानी अब घर-घर पहुंचेगी. ‘रामसे ब्रदर्स’ ने उस ज़माने में हॉरर फिल्मों का निर्माण किया, जब इन फिल्मों को बेहद कठिन, चुनौतीपूर्ण और कम लाभ वाले प्रोजेक्ट के रूप में देखते थे. अमूमन हॉरर फ़िल्में एडल्ट कैटेगरी में आ जाती थीं, जिनकी वजह से ऑडियंस सीमित हो जाती थी और बड़े कलाकार भी उनमें काम करने से बचते थे. इसके बाबजूद ‘रामसे ब्रदर्स’ ने न केवल डराने वाली फ़िल्में बनाने का रिस्क उठाया, बल्कि इस शैली को अपनी एक अलग पहचान दिलाई. ऐसे में उनकी कहानी से दर्शकों को रू-बरू कराना तो बनता है. 

क्या बायोपिक में आएंगे नज़र? 
‘रामसे ब्रदर्स’ की बायोपिक में क्या परिवार का कोई सदस्य अभिनय करता नजर आएगा? इस पर दीपक रामसे ने कहा, ‘अभी इस पर कोई फैसले नहीं हुआ है, लिहाजा फिलहाल इस सवाल का जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में नहीं दिया जा सकता’. रामसे भाइयों ने सालों तक हॉरर फिल्मों की दुनिया पर राज किया है, ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि यदि अभी ‘रामसे ब्रदर्स’ कोई फिल्म बनाएं तो बतौर हीरो किसे कास्ट करेंगे? दीपक रामसे इसके जवाब में कहते हैं – कार्तिक आर्यन.

2019 में हुई थी घोषणा
बता दें कि अजय देवगन ने 2019 में प्रीति सिन्हा के साथ मिलकर ‘द रामसे बायोपिक’ की घोषणा की थी. फिर कोरोना महामारी के चलते फिल्म का निर्माण अधर में लटक गया. अब फिर से अजय इस प्रोजेक्ट पर काम में लग गए हैं. हालांकि, द रामसे बायोपिक' अब फिल्म नहीं वेबसीरीज के रूप में आएगी. इसकी वजह यह है कि रामसे ब्रदर्स की कहानी को महज ढाई-तीन घंटे में नहीं दिखाया जा सकता.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जन्मदिन विशेष: ब्रांड जिंगल्स से वॉइस वेलनेस तक, ऐसा रहा गायिका शुभांगी तिवारी का सफर

कलाकार, प्रशिक्षक और वॉइस विशेषज्ञ के रूप में शुभांगी तिवारी ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा से संगीत जगत और नए कलाकारों पर गहरी छाप छोड़ी है. आज वह अपना जन्मदिन मना रही हैं.

01-July-2026

भारतीय संगीत जगत को बड़ा झटका, महान गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन

सन् 1933 में जन्मी आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था. वह केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थीं. उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.

12-April-2026

कंगना रनौत: सिनेमा से संसद तक का अद्भुत सफर

आज बॉलीवुड अभिनेत्री व सांसद कंगना अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं.

23-March-2026

मुंबई में लॉन्च हुई ‘नमस्ते कान्स’, कान्स फिल्म महोत्सव में भारत की सिनेमाई यात्रा का अनोखा दस्तावेज

इस पुस्तक में 1946 में शुरू हुए कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत की सिनेमाई यात्रा का विस्तृत और जीवंत वर्णन किया गया है.

16-March-2026

कार्तिक आर्यन का रियल एस्टेट में पहला निवेश : अलीबाग में खरीदी 2 करोड़ की जमीन

अमिताभ बच्चन और कृति सेनन के बाद अब बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने भी अलीबाग में प्लॉट खरीदा है.

03-September-2025


बड़ी खबरें

सेंसेक्स संभला, निफ्टी फिसला... आज इन शेयरों पर रहेगी नजर, बाजार खुलने से पहले जानें अहम संकेत

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15% की तेजी के साथ 78,079.96 अंक पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई का निफ्टी50 40.10 अंक यानी 0.16% की गिरावट के साथ 24,395.85 अंक पर बंद हुआ.

2 hours ago

₹1 लाख करोड़ की मेगा डील! एयरफोर्स के लिए भारत में बनेंगे 60 नए मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

रक्षा मंत्रालय ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये के मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है.

1 hour ago

कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स ने बढ़ाया आयात का बिल, जुलाई में 6 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा व्यापार घाटा

जुलाई में आयात 76.22 अरब डॉलर के 9 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा. कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक सामान की भारी खरीदारी से व्यापार घाटा बढ़कर 31.98 अरब डॉलर हो गया, हालांकि निर्यात में करीब 20% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.

2 hours ago

टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन के फैसले का किया समर्थन, नए चेयरमैन की तलाश शुरू

एन चंद्रशेखरन फरवरी 2027 के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते हैं. टाटा ट्रस्ट्स ने उनके फैसले का सम्मान करते हुए उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

17 hours ago

ED ने इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को किया गिरफ्तार, बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

ED का आरोप है कि जितेश गुप्ता ने फर्जी दावों को दोबारा स्वीकार कर CoC की संरचना बदली और दिनेश गुप्ता से जुड़ी इकाई के रिजॉल्यूशन प्लान को आगे बढ़ाने में मदद की.

19 hours ago