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आपकी जेब से ज्यादा पैसे निकालकर Zomato ने किस तरह भरी अपनी झोली, आंकड़े दे रहे गवाही
जोमैटो और स्विगी ने बीते कुछ समय में अपनी प्लेटफॉर्म फीस में कई बार इजाफा किया है. इससे खाना मंगाना महंगा हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो और स्विगी ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म चार्ज में 20% का इजाफा किया था. दोनों कंपनियां ग्राहकों से प्रत्येक ऑर्डर पर 6 रुपए प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही हैं. करीब 3 महीने पहले भी दोनों कंपनियों ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 5 रुपए कर दी थी. जोमैटो और स्विगी ने पिछले साल से प्लेटफॉर्म फीस लेना शुरू किया था. शुरुआत में दोनों कंपनियां 2 रुपए प्लेटफॉर्म फीस वसूलती थीं. बाद में इसे बढ़ाकर 3 रुपए, फिर 4, फिर पांच और अब छह रुपए कर दिया है. बढ़ोत्तरी का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है, आने वाले समय में इसमें और इजाफा संभव है.
83 करोड़ रुपए वसूले
प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोत्तरी के चलते इन फूड डिलीवरी कंपनियों से खाना मंगवाने वालों की जेब कुछ ज्यादा ढीली होती है, लेकिन कंपनियों की जेब लगातार भारी होती जा रही है. Zomato के फाइनेंशियल रिजल्ट साफ बयां कर रहे हैं कि प्लेटफॉर्म फीस से उसकी झोली किस कदर भरी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने इस साल मार्च तक अपने ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस के रूप में 83 करोड़ रुपए वसूले हैं. बता दें कि जोमैटो या स्विगी से खाना ऑर्डर करने पर आपको अपने ऑर्डर की कुल कीमत के साथ कुछ अतिरिक्त शुल्क भी देना होता है, उसे ही प्लेटफॉर्म फीस कहते हैं.
कमाई का प्रमुख फैक्टर
जोमैटो के प्लेटफॉर्म फीस को समायोजित राजस्व बढ़ाने वाले तीन प्रमुख कारकों में से एक बताया गया है. कंपनी की इनकम पिछले वित्त वर्ष में सालाना आधार पर 27% बढ़कर 7,792 करोड़ रुपए रही है. कंपनी ने बताया है कि इस दौरान सकल ऑर्डर मूल्य के प्रतिशत के रूप में समायोजित राजस्व में बढ़ोतरी जारी रही, जिसका मुख्य कारण रेस्टोरेंट कमीशन दरों में इजाफा और प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत है. गौरतलब है कि जोमैटो बहुत तेजी से मार्केट कवर कर रही है. कंपनी का दावा है कि दक्षिणी शहरों में भी वह अपने नेशनल एवरेज मार्केट शेयर के करीब पहुंच गई है.
बढ़ रही बाजार हिस्सेदारी
एक अनुमान के मुताबिक, देश के फूड डिलीवरी सेक्टर में जोमैटो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी के आसपास पहुंच गई है, जबकि स्विगी की हिस्सेदारी में कमी आई है. वर्ष 2020 में स्विगी 52 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ इस सेक्टर की लीडिंग कंपनी थी, लेकिन इसके बाद से जोमैटो का दबदबा बढ़ता चला गया. मौजूदा समय में स्विगी की बाजार हिस्सेदारी काफी कम हो गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्विगी को कुछ नया सोचना होगा वरना Zomato से मुकाबला उसके लिए और मुश्किल हो जाएगा.
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