होम / बिजनेस / अपने आप ही 10 गुना बढ़ा ली अपनी सैलरी, कंपनी ने दर्ज किया मुकदमा!
अपने आप ही 10 गुना बढ़ा ली अपनी सैलरी, कंपनी ने दर्ज किया मुकदमा!
जून में ध्रुव कपूर और अंकिती बोस ने कंपनी को खरीदने के लिए बोर्ड के सामने एक पिच भी तैयार की थी लेकिन उससे भी कोई मदद नहीं मिली.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
इंडियन मीडिया और इन्फोर्मेशन प्लेटफॉर्म Inc42 द्वारा जारी की गयी एक रिपोर्ट की मानें तो फैशन टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म Zilingo की पूर्व CEO और को-फाउंडर अंकिती बोस ने बिना बोर्ड की मंजूरी लिए ही अपनी सैलरी को 10 गुना बढ़ा लिया. इसी मामले में कंपनी ने अंकिती बोस पर मुकदमा दर्ज करवा दिया है.
अंकिती और महेश मूर्ति का विवाद
2017 से 2019 के बीच अंकिती बोस ने कथित तौर पर अपनी सैलरी में 10 गुना, अपने को-फाउंडर ध्रुव कपूर की सैलरी में 3 गुना और COO (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) आदी वैद्य की सैलरी में 7 गुना की वृद्धि की थी. रिपोर्ट की मानें तो 2017 में अंकिती बोस की सैलरी 5,500 SGD हुआ करती थी और 2019 तक अंकिती की सैलरी बढ़कर 58,900 पर पहुंच गयी थी. यह सभी खुलासे एक ऐसे वक्त पर हो रहे हैं जब अंकिती ने इन्वेस्टर महेश मूर्ति के खिलाफ 100 मिलियन डॉलर्स का मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन्वेस्टर महेश मूर्ति ने अंकिती पर B2B मार्केटप्लेस स्टार्टअप से गैर कानूनी रूप से पैसे लेने का आरोप लगाया था.
Zilingo ने शुरू की लिक्विडिटी की प्रक्रिया
इतना सब होने के साथ Zilingo ने अपनी लिक्विडिटी की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है. कंपनी को लोन देने वाले दो प्रमुख ग्रुप Varde Partners और Indies Capital Partners ने कंपनी के कुछ एसेट्स के लिए खरीददार को ढूँढ़ लिया है. इन एसेट्स को इनके नए मालिकों के पास ट्रान्सफर कर दिया गया है लेकिन इन एसेट्स की कीमत को लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है. कंपनी के लिए मुश्किलों की शुरुआत तब हुई जब फंडिंग के नए राउंड के दौरान की गयी एक जांच में खामियां सामने आई और एक मुखबिर ने कंपनी में फाइनेंशियल गलतियों को लेकर कुछ अन्य खुलासे किये जिनमें अंकिती बोस का नाम भी शामिल था. ऑडिटिंग में सामने आई जानकारी ने कंपनी की रफ्तार को ही बदल कर रख दिया.
अंकिती ने भेजा नोटिस
पिछले साल मई में Zilingo ने गंभीर वित्तीय शिकायतों के चलते अंकिती बोस को CEO के पद से हटा दिया था. इसी दौरान अंकिती ने कंपनी के बोर्ड को परेशान करने और उनका दुरूपयोग करने के लिये कानूनी रूप से नोटिस भी भेजा था. इस नोटिस में यह खुलासा भी किया गया था कि जब उन्होंने ध्रुव कपूर और आदी वैद्य को कंपनी द्वारा परेशान किये जाने के बारे में जानकारी दी थी तो उन्होंने भी अंकिती की कोई मदद नहीं की थी. जून में ध्रुव कपूर और अंकिती बोस ने कंपनी को खरीदने के लिए बोर्ड के सामने एक पिच भी तैयार की थी लेकिन उससे भी कोई मदद नहीं मिली.
यह भी पढ़ें: PAN कार्ड की जरुरत हुई खत्म, अब सिर्फ आधार से खोल सकते हैं PPF जैसे अकाउंट!
टैग्स