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भारी-भरकम Insurance Premium से हैं परेशान? मिल सकती है ये अच्छी खबर

संसदीय समिति ने बीमा प्रीमियम पर वसूली जा रही जीएसटी की दर को कम करने की सिफारिश की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बीमा प्रीमियम (Insurance Premium) की राशि पिछले कुछ वक्त में काफी बढ़ गई है, फिर चाहे वो वाहन बीमा हो या जीवन बीमा. इसकी एक बड़ी वजह है भारी-भरकम GST. मौजूदा समय में बीमा प्रीमियम पर 18% की दर से GST वसूली जाती है. हालांकि, यदि सबकुछ ठीक रहा तो इसमें कुछ राहत मिल सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार की एक संसदीय स्थाई समिति ने बीमा प्रीमियम पर वसूली जा रही जीएसटी की दर को कम करने की सिफारिश की है. समिति का कहना है कि बीमा उत्पादों पर जीएसटी को तर्कसंगत बनाया जाए.

किफायती बनाने पर जोर
संसदीय समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि खासतौर पर स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम पर GST की दर कम किए जाने की बहुत जरूरत है. ऊंची जीएसटी दर के कारण बीमा प्रीमियम की राशि काफी ज्यादा हो जाती है. बीमा को और अधिक किफायती बनाने पर जोर देते हुए समिति ने कहा है कि स्वास्थ्य बीमा उत्पादों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुदरा बीमा और माइक्रो बीमा पॉलिसियों के साथ ही टर्म पॉलिसियों पर लागू जीएसटी दरों को कम किया जा सकता है. समिति का कहना है कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बाद कुल बीमा प्रीमियम में वृद्धि हुई है.

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13.46% की हुई थी वृद्धि
एक रिपोर्ट बताती है कि 2020 में वैश्विक बीमा बाजार में भारत की हिस्सेदारी लगभग दो प्रतिशत थी, ऐसे में भारतीय बीमा क्षेत्र को विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीमा क्षेत्रों के बराबर आने में काफी समय लगेगा. 2021 में भारत में कुल बीमा प्रीमियम में 13.46% की वृद्धि हुई, जबकि वैश्विक कुल बीमा प्रीमियम में 9.04% का ही इजाफा हुआ है. लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस में भारत 2021 में दुनिया में नौवें स्थान पर था. जबकि नॉन-लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस में भारत का नम्बर 14 था. समिति ने अपनी सिफारिश में आगे कहा है कि केवल जीवन बीमा ही नहीं, विभिन्न बीमा उत्पादों को लोगों के लिए लाभकारी बनाने की जरूरत है.
 


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