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विश्व उद्यमी दिवस: तीन महिला उद्यमियों की कहानियाँ जो बन गईं आत्मनिर्भरता की मिसाल
वॉलमार्ट वृद्धि जैसे प्लेटफॉर्म की मदद से आज महिलाएं डिजिटल कारोबार, मार्केटिंग और संचालन की बारीकियां सीखकर अपने ब्रांड को एक नई ऊंचाई तक पहुँचा रही हैं.
रितु राणा 8 months ago
आज यानी 21 अगस्त को पूरी दुनिया “विश्व उद्यमी दिवस” (World Entrepreneurship Day) मना रही है. यह दिन उद्यमिता की ताकत और उसके समाज व अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित करता है. भारत में भी आज हजारों महिला उद्यमी अपने-अपने क्षेत्र में बदलाव की कहानियाँ लिख रही हैं. इसी अवसर पर हम जानिए तीन महिला उद्यमियों रेनुका मिश्रा (RenHomz), निशा नायर (Yamini Lifestyles), और सोमिया खन्ना (The Soap Company India) की प्रेरणादायक सफर से रूबरू कराएंगे, जिन्होंनेवॉलमार्ट वृद्घि (Walmart Vriddhi) जैसे कार्यक्रम से जुड़कर अपने सपनों को साकार किया और सैकड़ों महिलाओं के जीवन में रोजगार और आत्मनिर्भरता की रोशनी फैलाई.
1. रेनुका मिश्रा का दंत चिकित्सक से होम डेकोर उद्यमी तक का सफर
उत्तर प्रदेश नोएडा निवासी रेनुका मिश्रा ने अपनी करियर की शुरुआत एक डेंटिस्ट के रूप में की. दिल्ली में क्लिनिक चलाने के बाद जब कोविड-19 महामारी ने जीवन को नई दिशा में मोड़ा, तब उन्होंने अपने बचपन के सपने को हकीकत में बदला. छोटे शहरों में स्टाइलिश और किफायती होम डेकोर की कमी देखकर उन्होंने 2020 में RenHomz की नींव रखी. आज RenHomz उच्च गुणवत्ता वाले सिरेमिक टेबलवेयर और होम डेकोर प्रोडक्ट्स का पर्याय बन चुका है. यह उत्पाद न केवल खूबसूरत हैं, बल्कि 100% फूड-ग्रेड, लेड और कैडमियम-फ्री भी हैं. रेनुका कहती हैं कि "भारत की कारीगरी को आधुनिक अंदाज के साथ हर घर तक पहुँचाना ही RenHomz का उद्देश्य है."
रेनुका ने बताया कि फरवरी 2022 में वह वॉलमार्ट वृद्घि से जुड़ीं. यहां से उन्हें पैकेजिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट और प्राइसिंग जैसी बारीकियों पर गाइडेंस मिला। नतीजा यह हुआ कि उनकी कंपनी ने पहले ही साल में 150% ग्रोथ दर्ज की और अगले दो वर्षों (2023-24) में कुल 300% की वृद्धि हासिल की. आज RenHomz Flipkart पर अपने प्रीमियम टेबलवेयर बेच रही है और करीब 200 महिला कारीगरों से जुड़ी हुई हैं, जो महीने में 8 से15 हजार कमा रही हैं.
2. निशा नायर का एक आर्मी स्पाउस से महिला उद्यमी बनने का सफर
बेंगलुरु निवासी निशा नायर, एक आर्मी अफसर की पत्नी हैं. वह हमेशा से बदलाव और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा रही हैं. लगातार पोस्टिंग बदलने की वजह से उन्होंने सीखा कि जीवन में लचीलापन और धैर्य ही सबसे बड़ी पूंजी है. इन्हीं अनुभवों ने उन्हें ज्वेलरी बिजनेस शुरू करने की प्रेरणा दी.
निशा ने Yamini Lifestyles के तहत Joyera: आधुनिक, बहुउपयोगी और एलीगेंट ज्वेलरी और Aitihya : पारंपरिक कला पर आधारित हेरिटेज ज्वेलरी, ये दो ब्रांड लॉन्च किए. ये प्रोडक्ट्स आज Flipkart पर उपलब्ध हैं और 80 से अधिक महिला कारीगरों के जीवन को रोजगार से जोड़ते हैं. निशा ने बताया कि 2020 में उन्होंने वॉलमार्ट वृद्घि से जुड़कर ऑनलाइन बिजनेस की ताकत को समझा. पहले जो ज्वेलरी केवल ऑफलाइन प्रदर्शनियों में बिकती थी, वही अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों तक पहुँच रही है. कोविड-19 के बाद का मुश्किल दौर उन्होंने इस प्रोग्राम की मदद से पार किया और पिछले कुछ वर्षों में 9 गुना ग्रोथ दर्ज की. बीते दो वर्षों में उनकी कंपनी की कमाई लगातार 2 से 3 की गुना की दर से बढ़ रही है. आज Yamini Lifestyles का टर्नओवर सालाना लाखों रुपये तक पहुँच चुका है, और इनकी ज्वेलरी अब एयरपोर्ट स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिक रही है. निशा कहती हैं, “हर ज्वेलरी पीस सिर्फ गहना नहीं, बल्कि एक कहानी है – मेहनत, परंपरा और आधुनिकता का मेल है.”
3. सोमिया खन्ना महिलाओं को रोजगार देने का मिशन बना कारोबार
राजस्थान अलवर निवासी सोमिया खन्ना, अलवर की पहली महिला थीं जिन्हें गोल्डमैन सॉक्स 10,000 वुमन प्रोग्राम (IIM बेंगलुरु) के लिए चुना गया. उन्होंने पहले हेलिओस बाय टाइटन में बतौर लर्निंग एंड डेवलपमेंट हेड काम किया, लेकिन जब अलवर लौटीं, तो स्थानीय महिलाओं की बेरोजगारी ने उन्हें गहराई से झकझोर दिया. सिर्फ ₹20,000 की पूंजी और एक महिला के साथ शुरू हुआ उनका उद्यम The Soap Company India आज दूसरी महिलाओं को रोजगार भी दे रहा है. उनके प्रोडक्ट्स में पैराबेन-फ्री, सल्फेट-फ्री शॉवर जेल, हैंडवॉश और नैचुरल सोप्स शामिल हैं, जिसमें खेतों में उगाई गई कैलेंडुला पंखुड़ियों तक का इस्तेमाल होता है.
सोमिया ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम के बारे में पढ़ा और फिर वह इससे जुड़ गईं. प्रशिक्षण से उन्होंने सीखा कि कैसे B2B सप्लाई, डिजिटल मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स को मजबूती से संभाला जाए. Flipkart पर प्रोडक्ट लिस्टिंग ने उनके कारोबार को पंख दे दिए. आज उनकी टीम में पाँच महिलाएँ हैं और कंपनी की मासिक सेल्स 3 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है.
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