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RBI के इस फैसले से फिर भर जाएगा बैंकों का खजाना, बाजार में लौटेगी रौनक
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ICCR को खत्म करने का ऐलान किया है. RBI के इस कदम से बाजार में एक बार फिर लिक्विडिटी बढ़ाने में मदद मिलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
मई में 2000 रुपये के नोटों की वापसी के फैसले के साथ लिए गए अपने एक फैसले को रिजर्व बैंक वापस लेने जा रहा है. रिजर्व बैंक ने एलान किया है कि वो इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेसियो को खत्म कर रहा है. आने वाली 9 और 25 सितंबर को I-CCR का 25-25 % जारी कर देगा. आरबीआई की ओर से ये भी कहा गया है कि 7 अक्टूबर तक इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा.
आखिर क्या होता है I-CCR?
सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर ये I-CCR होता है. I-CCR को इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेसियो भी कहा जाता है. इसके तहत रिजर्व बैंक को बाजार में ज्यादा लिक्विडिटी की जरूरत होती है तो कैश रिजर्व रेशियो को कम कर देता है. और जब रिजर्व बैंक को बाजार में कम लिक्विडिटी की जरूरत होती है तो कैश रिजर्व रेशियो को बढ़ा देता है.
आखिर रिजर्व बैंक ने क्यों लगाया था I-CCR?
मई में 2000 रुपये के नोट वापस लिए जाने के बाद रिजर्व बैंक को लग रहा था कि लिक्विडिटी बढ़ जाएगी तो ऐसे में उसने 10 अगस्त 2023 को 10 प्रतिशत I-CCR का प्रावधान कर दिया था. आरबीआई के इस फैसले से बैंकों में कैश रिजर्व रेसियो की कमी हो गई थी.
अब क्यों लिया है ये फैसला?
अब क्योंकि त्योहारी सीजन की शुरुआत होने वाली है तो ऐसे में बैंक अपने ग्राहकों को कई तरह के ऑफर देकर ज्यादा पैसा लोन के जरिए देते हैं. ऐसे में बैंकों को ज्यादा कैश की जरूरत होती है. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए आरबीआई की ओर से ये कदम उठाया गया है.
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