होम / बिजनेस / ₹5 करोड़ के निवेश के साथ Zuppa की स्वदेशी ड्रोन तकनीक को मिले पंख

₹5 करोड़ के निवेश के साथ Zuppa की स्वदेशी ड्रोन तकनीक को मिले पंख

Zuppa की अजीत मिनी जैसी उन्नत स्वदेशी ड्रोन तकनीक भारत की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूती देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी साकार करती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत की एकमात्र डीप-टेक ड्रोन कंपनी ZUPPA को संगम टॉक्स (Sangam Talks) के संस्थापक राहुल देवन से 5 करोड़ रुपये का रणनीतिक निवेश प्राप्त हुआ है. यह निवेश संगम टॉक्स पॉडकास्ट के दौरान ज़ुप्पा के संस्थापक एवं तकनीकी निदेशक वेंकटेश साई और राहुल देवन के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत के बाद आया है. इस चर्चा में दोनों ने भारत में सुरक्षित और स्वदेशी रक्षा तकनीकों की आवश्यकता पर गहन विचार साझा किए थे.

विश्व स्तर पर ज़ुप्पा की विशिष्ट तकनीकी स्थिति

ज़ुप्पा उन सात कंपनियों में शामिल है, जिनके पास अपना स्वदेशी ऑटोपायलट सिस्टम है जो Disseminated Parallel Control Computing in Real Time (DPCC) तकनीक पर आधारित है. भारत में यह उपलब्धि सिर्फ ज़ुप्पा के पास है. यह तकनीक ज़ुप्पा के प्रमुख अजीत सीरीज ड्रोन प्लेटफॉर्म को शक्ति प्रदान करती है जो भारत को विदेशी ड्रोन की तुलना में एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर विकल्प प्रदान करता है.

ड्रोन के जरिए बढ़ते सीमा पार खतरों का समाधान

भारत की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा चुनौतियाँ दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही हैं. 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभियानों को समाप्त करने की घोषणा के बावजूद, ड्रोन के माध्यम से घुसपैठ की घटनाएं जारी हैं. पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा चीनी मूल के DJI ड्रोन का इस्तेमाल कर भारतीय सीमा में मादक पदार्थ और हथियार गिराए जा रहे हैं जिन्हें बीएसएफ और पंजाब पुलिस द्वारा समय रहते रोका गया है। यह खतरा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत गंभीर है.

अजीत मिनी: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

ज़ुप्पा का अजीत मिनी ड्रोन इन खतरों का ठोस जवाब है. यह भारत का पहला स्वदेशी कामिकाजे/माइक्रो-आर्म्ड ड्रोन प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से विदेशी ड्रोन जैसे DJI के विकल्प के रूप में तैयार किया गया है. इस ड्रोन को हाल ही में भारतीय सेना द्वारा 11,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक परखा गया है. यह आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करता है और साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक सुरक्षित विकल्प है.

राहुल देवन का समर्थन और विश्वास

निवेश की घोषणा करते हुए राहुल देवन ने कहा, “भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वदेशी और साइबर-सुरक्षित तकनीकों के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करना चाहिए. ज़ुप्पा का अजीत मिनी और NavGati ऑटोपायलट स्टैक इसी दिशा में भविष्य का प्रतीक हैं. मैं इस मिशन का समर्थन करके उत्साहित हूं.”

पूर्व निवेशकों का भी मिला समर्थन

इससे पहले जुप्पा को Four Pursuits, Garuda Aerospace और Map My India जैसे निवेशकों से भी महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हो चुका है. ये निवेश दर्शाते हैं कि ज़ुप्पा भारत के उभरते ड्रोन और रक्षा तकनीकी क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

10 करोड़ रुपये के ब्रिज राउंड की तैयारी

ज़ुप्पा के संस्थापक वेंकटेश साई ने बताया कि, “Four Pursuits का यह निवेश 10 करोड़ रुपये के ब्रिज राउंड का हिस्सा है, जिसे हम 31 मई 2025 तक बंद करने की योजना बना रहे हैं. इस राशि का उपयोग चैनल पार्टनर नेटवर्क के विस्तार और अजीत सीरीज ड्रोन की उपलब्धता बढ़ाने में किया जाएगा.” उन्होंने यह भी कहा कि, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन के सफल उपयोग के बाद कई निवेशकों ने संपर्क किया है लेकिन हमारी प्राथमिकता ऐसे निवेशक हैं जो तकनीक की गहरी समझ रखते हों क्योंकि डिफेंस क्षेत्र में ड्रोन एक समकालीन और त्वरित विकास वाली तकनीक है.”

भारत में बना, भारत के लिए और दुनिया के लिए

भारतीय सेना, वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं और प्रख्यात निवेशकों से मिली मान्यता के साथ ज़ुप्पा अब भारत में विकसित, भारत के लिए और विश्व के लिए बनी तकनीक का नया मानदंड स्थापित कर रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए कंपनी तेजी से अपने संचालन का विस्तार कर रही है और भारतीय रक्षा तकनीक में नई दिशा प्रदान कर रही है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

पूर्व टीवी संपादक ने शुरू की उत्तर प्रदेश की पहली NABL-मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. ह

17 minutes ago

ICAR और सेशेल्स के बीच MoU, जलवायु-अनुकूल खेती और हॉर्टिकल्चर को मिलेगा बढ़ावा

भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

14 hours ago

फर्स्टक्राई समर्थित स्वारा बेबी लाएगी ₹1,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास दाखिल किया DRHP

स्वारा बेबी डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों का निर्माण करती है. कंपनी बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में कई प्रोडक्ट बनाती है.

15 hours ago

एनर्जी ड्रिंक बेचने के दावों पर FSSAI की नजर, रेड बुल सहित 6 बड़ी कंपनियों को जारी हुआ नोटिस

नियामक ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों को दवा जैसी प्रभावशीलता या विशेष स्वास्थ्य लाभ देने वाला बताना नियमों का उल्लंघन है.

16 hours ago

शिप रीसाइक्लिंग में दुनिया का हब बनेगा भारत, ₹76,000 करोड़ की योजना से 16,000 जहाजों का लक्ष्य

भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय शिप रीसाइक्लिंग रेगुलेशन (EUSRR) के तहत भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्ड्स को मान्यता दिलाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की.

17 hours ago


बड़ी खबरें

एनर्जी ड्रिंक बेचने के दावों पर FSSAI की नजर, रेड बुल सहित 6 बड़ी कंपनियों को जारी हुआ नोटिस

नियामक ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों को दवा जैसी प्रभावशीलता या विशेष स्वास्थ्य लाभ देने वाला बताना नियमों का उल्लंघन है.

16 hours ago

पूर्व टीवी संपादक ने शुरू की उत्तर प्रदेश की पहली NABL-मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. ह

17 minutes ago

ICAR और सेशेल्स के बीच MoU, जलवायु-अनुकूल खेती और हॉर्टिकल्चर को मिलेगा बढ़ावा

भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

14 hours ago

OXMIQ Labs ने जुटाए 35 मिलियन डॉलर, AI चिप आर्किटेक्चर के विस्तार को मिलेगी रफ्तार

Samsung Catalyst Fund समेत कई वैश्विक निवेशकों ने किया निवेश, अब तक 60 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल

21 hours ago

फर्स्टक्राई समर्थित स्वारा बेबी लाएगी ₹1,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास दाखिल किया DRHP

स्वारा बेबी डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों का निर्माण करती है. कंपनी बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में कई प्रोडक्ट बनाती है.

15 hours ago