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विप्रो का Q3 FY26 में मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया
विप्रो की तीसरी तिमाही में आय में मामूली बढ़त के साथ-साथ प्रॉफिट में गिरावट और डील बुकिंग्स में सुस्ती ने कंपनी के सामने चुनौतियां पेश की हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
आईटी सेवा कंपनी विप्रो ने शुक्रवार को तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने नेट प्रॉफिट में 7% की गिरावट दर्ज की है. सौदों की धीमी गतिविधि और ग्राहकों के खर्च में जारी दबाव के कारण कंपनी के प्रदर्शन पर असर पड़ा, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन कई वर्षों में सबसे मजबूत रहा.
कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू का हाल
तीन महीने के दौरान समाप्त दिसंबर तिमाही में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹3,119 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेशन से आय 6% बढ़कर ₹23,556 करोड़ हो गई. लेबर कोड बदलावों के प्रभाव को समायोजित करने के बाद नेट आय ₹3,360 करोड़ रही, जो पिछले तिमाही की तुलना में 3.6% अधिक और पिछले वर्ष की समान तिमाही से 0.3% अधिक है.
कोर IT सेवाओं की आय में मामूली बढ़त
विप्रो की कोर IT सर्विसेज की आय USD 2.635 बिलियन रही, जो पिछले तिमाही की तुलना में 1.2% अधिक और सालाना आधार पर 0.2% अधिक है. स्थिर मुद्रा (constant currency) में IT सेवाओं की आय 1.4% sequential बढ़ी, लेकिन सालाना आधार पर 1.2% गिरावट दर्ज की गई, जो प्रमुख बाजारों में मूल्य निर्धारण और वॉल्यूम दबाव को दर्शाता है.
ऑपरेटिंग प्रदर्शन में सुधार
ऑपरेटिंग प्रदर्शन में सुधार हुआ, IT सेवाओं का ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6% पर पहुंच गया, जो पिछले तिमाही की तुलना में 90 बेसिस पॉइंट्स और सालाना 10 बेसिस पॉइंट्स अधिक है. इस सुधार में लागत अनुकूलन और बेहतर उपयोगिता (utilisation) की भूमिका रही.
डील बुकिंग्स में सुस्ती
डील की गति (deal momentum) धीमी बनी रही. तिमाही के लिए कुल बुकिंग्स USD 3.3 बिलियन रही, जो स्थिर मुद्रा में सालाना आधार पर 5.7% कम है. वहीं बड़ी डील बुकिंग्स 8% घटकर USD 871 मिलियन रही.
CEO ने AI को बताया बढ़त का कारण
कंपनी के CEO श्रीनिवास पलिया ने कहा कि कंपनी ने उम्मीदों के अनुसार व्यापक स्तर पर ग्रोथ दी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से एक महत्वपूर्ण विभेदक बन रहा है. उन्होंने AI-समर्थित प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती अपनाने, AI-आधारित डिलीवरी के स्केलिंग और वैश्विक स्तर पर विप्रो के इनोवेशन नेटवर्क के विस्तार का हवाला दिया.
नकदी प्रवाह और कर्मचारी attrition में सुधार
तिमाही में कैश फ्लो जनरेशन मजबूत हुआ, ऑपरेटिंग कैश फ्लो 26% sequential बढ़कर ₹4,260 करोड़ हो गया, जो नेट आय का 135.4% के बराबर है. वहीं वॉलंटरी अट्रिशन (voluntary attrition) 12 महीने के आधार पर 14.2% पर और घट गया.
बोर्ड ने इंटरिम डिविडेंड को दी मंजूरी
विप्रो बोर्ड ने ₹6 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है. रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी तय की गई है और डिविडेंड 14 फरवरी या उससे पहले भुगतान किया जाएगा.
अगले तिमाही का मार्गदर्शन
मार्च 2026 तिमाही के लिए विप्रो ने IT सेवाओं की आय को USD 2.63 बिलियन से USD 2.68 बिलियन के बीच रहने का अनुमान दिया है, जो स्थिर मुद्रा में sequential तौर पर फ्लैट से 2% तक बढ़ोतरी को दर्शाता है.
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