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Modi 3.0 में क्या हवाई यात्रियों के आएंगे अच्छे दिन? जानें क्या है सरकार की तैयारी
पिछले साल दिवाली के मौके पर हवाई किराए में बेतहाशा वृद्धि हुई थी, जिसे लेकर काफी हंगामा भी मचा था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
हवाई किराया कितना होना चाहिए यह हमेशा से चर्चा का विषय रहा है. खासकर, फेस्टिवल सीजन में एयर फेयर के आसमान पर पहुंचने के चलते यह मांग भी उठती रही है कि इसके लिए कोई कैप निर्धारित होनी चाहिए. पिछले नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किराया नियंत्रित करने की बात ज़रूर कही थी, लेकिन बात कुछ आगे नहीं बढ़ पाई. मोदी 3.0 में इस मंत्रालय की कमान नए हाथों में है. राम मोहन नायडू को देश का नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया है. ऐसे में अब नायडू से उम्मीद की जा रही है कि वो इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाएंगे.
किराया पहली प्राथमिकता
एविएशन मिनिस्ट्री का कामकाज संभालते हुए राम मोहन नायडू ने संकेत भी दिए हैं कि हवाई किराया नियंत्रित करना उनकी प्राथमिकता है. उनका कहना है कि वर्तमान हवाई किराए की समीक्षा की जाएगी. वह बढ़ते किराए के मुद्दे से निपटकर हवाई यात्रा को आम आदमी के लिए ज्यादा सुलभ बनाना चाहते हैं. एयर फेयर में उतार-चढ़ाव के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वे हवाई मार्ग को नया रेलवे बनाना चाहते हैं.
जल्द आयोजित होगी बैठक
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सांसद किंजरापु राम मोहन नायडू (Kinjarapu Ram Mohan Naidu) का कहना है कि वह हवाई यात्रा को आम आदमी के लिहाज से सस्ता बनाने पर काम करेंगे. आवश्यक कदम उठाने के लिए एक नीतिगत बैठक जल्द आयोजित की जाएगी. मोदी सरकार के मंत्री ने कहा कि पिछले 10 सालों में इस क्षेत्र में काफी काम हुआ है. कोविड जैसे कई बाहरी कारकों से एविएशन सेक्टर प्रभावित हुआ था, लेकिन अब वह उससे बाहर निकल आया है. नायडू ने कहा कि हवाई किराए की समीक्षा की जाएगी और उसके अनुरूप फैसले लिए जाएंगे.
पिछले साल मचा था बवाल
हवाई किराया त्योहारी सीजन (Festival Seasons) आते ही चढ़ने लगता है. पहले केवल प्राइवेट बस ऑपरेटर ऐसे मौकों को भुनाने के लिए किराए में कई गुना बढ़ोत्तरी करते थे, लेकिन अब ये आदत विमानन कंपनियों ने भी विकसित कर ली है. पिछले साल दिवाली पर हवाई किराए में बेतहाशा वृद्धि हुई थी. हालात ये हो चले थे कि यानी दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली से पटना का हवाई किराया दुबई, बैंकॉक और काठमांडू जाने से भी महंगा हो गया था. हवाई किराए पर कोई कैप निर्धारित नहीं है. एयरलाइन डिमांड के हिसाब से किराए में इजाफा करके मोटी कमाई करती हैं. लेकिन हवाई यात्रियों की जेब ज़रूरत से ज्यादा ढीली हो जाती है. पिछले साल हवाई किराए को लेकर काफी हंगामा भी मचा था.
देरी भी है बड़ा मुद्दा
नए नागरिक उड्डयन मंत्री को किराया नियंत्रित करने के साथ ही उड़ानों में देरी जैसी चुनौतियों से भी निपटना होगा. पिछले कुछ समय में हवाई यात्रियों को देरी के चलते खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है. ऐसे मौकों पर अक्सर एयरलाइन अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती हैं. लिहाजा, यह देखने वाली बात होगी कि नायडू इस विषय में क्या कदम उठाते हैं. उन्होंने यह कहा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय पैसेंजर्स की शिकायतों को गंभीरता से लेने के साथ-साथ ऐसे यात्रियों से भी सख्ती से निपटेगा जो विमान चालक दल के साथ बदतमीजी से पेश आते हैं.
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