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Serum Institute क्यों है बेहतर Workplace, उनके HR Head ने बताईं खूबियां

एम्प्लॉई फर्स्ट अप्रॉच के तहत हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसा माहौल बनाएं, जिससे एम्प्लॉइज का वर्क लाइफ बैलेंस बना रहे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: कोई भी संस्थान Happiest Workplace तभी बनता है, जब वहां शांति हो और एम्प्लॉइज के मन में उस कंपनी के प्रति एक संतुष्टि का भाव हो. ये दोनों बातें आएंगी कैसे, यह कंपनी की पॉलिसी और मैनेजमेंट पर बहुत हद तक निर्भर करता है. BW People के The Happiest Workplaces Summit and Award में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया लिमिटेड के HR हेड महेंद्र इंगे ने भी इसे स्वीकार किया.

एम्प्लॉई के मन में सबसे पहला सवाल क्या रहता है?
महेंद्र इंगे ने अपनी कंपनी की पॉलिसी बताते हुए इस टॉपिक को इवेंट में मौजूद सभी लोगों को आसानी से समझाया. उन्होंने बताया कि जब भी कोई एम्प्लॉई कंपनी ज्वॉइन करता है तो उसके मन में सबसे बड़ा सवाल सिक्योरिटी को लेकर होता है. वो यह सोचता है कि जिस कंपनी में वह ज्वॉइन करने वाला है, वहां वो कितना सिक्योर है. यह भरोसा दिलाना कंपनी का काम है. उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया लिमिटेड अपने एम्प्लॉइज को इस बात का पूरा भरोसा दिलाती है कि वे सुरक्षित हाथों में हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण कंपनी का Attrition Rate है, जो 5 प्रतिशत से भी कम है.

कंपनी का अप्रोच एम्प्लॉई फर्स्ट का होना चाहिए
उन्होंने बताया, "हमारी कंपनी का अप्रोच शुरुआत से ही एम्प्लॉई फर्स्ट का है. इस कंपनी में लोगों का पूरा ध्यान रखा जाता है. हम यहां सिर्फ काम कर लोगों का ही ध्यान नहीं रखते, बल्कि उनके रिश्तेदारों का भी पूरा ख्याल रखते हैं. कोविड के समय पर जब पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा था तो हम सबसे अधिक काम कर रहे थे. हमने यहां काम कर रहे लोगों और उनके रिश्तेदारों के लिए 10 करोड़ रुपये रिजर्व रखे हुए थे. हमने उनके लिए 6 होटल्स रिजर्व रखे हुए थे कि उन्हें किसी बात की कोई तकलीफ नहीं हो. हमारे इस प्रयास से एम्प्लॉइज चिंतामुक्त होकर काम कर रहे थे. हमारे इन प्रयासों और एम्प्लॉई फर्स्ट के अप्रोच को देखते हुए यहां काम करने वालों को लगता है कि वे सुरक्षित हाथों में हैं."

हमेशा पॉजिटिव कल्चर बनाएं रखें
महेंद्र इंगे ने अपनी कंपनी का उदाहरण देते हुए दूसरी कंपनियों को भी यह सलाह दी कि उन्हें हमेशा पॉजिटिव कल्चर रखना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमेशा अपने Workplace पर पॉजिटिव कल्चर रखें. एम्प्लॉइज के आइडिएशन को हमेशा इनकरेज करें और उन्हें उनपर काम करने की पूरी छूट दें. ऐसा माहौल बनाएं, जिससे कोई भी एम्प्लॉई टॉप मैनेजमेंट तक आसानी से अप्रोच कर सके. उसके लिए कोई बाधा नहीं होनी चाहिए. मेरी कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट में ऐसा ही माहौल है. कोई भी अपना आइडिया लेकर टॉप मैनेजमेंट के किसी भी व्यक्ति के पास जा सकता है."

कंपनी को हमेशा एम्प्लॉइज के ग्रोथ पर काम करना चाहिए
उन्होंने Peace & Satisfaction at Workplace is Crucial टॉपिक पर बोलते हुए कहा, "कंपनी को हमेशा वेलबिंग होना चाहिए. हमेशा एम्प्लॉइज के ग्रोथ पर काम करना चाहिए. एक काउंसलिंग डेस्क भी होना चाहिए. समय-समय पर स्किल डेवलपमेंट का प्रोग्राम कराते रहना चाहिए, जिससे वहां काम कर रहे लोगों की प्रतिभा में और निखार आ सके."

बेहतर Workplace के लिए वर्क लाइफ बैलेंस बहुत जरूरी
उन्होंने कंपनी में शांति और उसके प्रति संतुष्टि का भाव बने रहने के लिए वर्क लाइफ बैलेंस को बहुत महत्वपूर्ण माना. उन्होंने कहा, "एम्प्लॉई फर्स्ट अप्रॉच के तहत हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसा माहौल बनाएं, जिससे एम्प्लॉइज का वर्क लाइफ बैलेंस बना रहे. इसे ध्यान में रखते हुए सीरम इंस्टीट्यूट में 3-4 नहीं, बल्कि 12 शिफ्ट्स हैं. एम्प्लॉइज को अपने ढंग से काम करने की पूरी छूट है. हम इस बात पर फोकस नहीं करते कि आपको 8-9 घंटे की शिफ्ट करनी ही है. हमारा मकसद सिर्फ इतना ही होता है कि आप अपना काम पूरा करें, चाहे वो जितनी जल्दी ही क्यों न हो जाए. यदि आप 6 घंटे काम करके अपना टास्क पूरा कर लेते हैं, तो उसमें हमें कोई दिक्कत नहीं होती."

माइक्रो मैनेजमेंट की जगह ट्रस्ट पर फोकस करें
महेंद्र इंगे ने इस विषय पर प्रकाश डालते हुए कंपनियों को यह सीख दी कि माइक्रो मैनेजमेंट की जगह ट्रस्ट पर फोकस करें. उन्होंने कहा, "सीरम इंस्टीट्यूट में माइक्रो मैनेजमेंट जैसी कोई चीज नहीं होती. यह Workplace को बेहतर बनाने में बाधा उत्पन्न करता है. सीरम इंस्टीट्यूट में हम ट्रस्ट पर काम करते हैं. हमने पिछले दिनों 1000 लोगों को हायर किया. यहां काम कर रहे लोगों को यह अच्छी तरह पता है कि कंपनी को उनसे क्या उम्मीद है. वे यहां आजाद होकर काम करते हैं. 30 साल के अपने करियर में मैंने ये कई बार देखा है कि कंपनी और एम्प्लॉइज के बीच काफी मिस्मैच रहता है. इसे दूर करना चाहिए. सीरम इंस्टीट्यूट में ऐसी बात नहीं है. इसक प्रूफ यही है कि हमारी कंपनी का Attrition Rate 5 प्रतिशत से भी कम है."
 


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