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Bullet Train की तरह क्यों भाग रहे हैं Railway से जुड़ी इस कंपनी के शेयर?
पिछले कुछ समय से रेल विकास निगम लिमिटेड के शेयर रफ्तार के साथ ऊपर चढ़ रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
स्टॉक मार्केट में कब, कौनसा शेयर रॉकेट बन जाएगा नहीं कहा जा सकता. फिलहाल रेलवे से जुड़ी एक कंपनी के शेयरों की सबसे ज्यादा चर्चा है, वजह शेयर का बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ना. आज यानी सोमवार को ही खबर लिखे जाने तक ये शेयर 11.32% उछल चुका था. हम बात कर रहे हैं रेल विकास निगम लिमिटेड यानी RVNL की. 27 मार्च 2020 को कंपनी का शेयर 12 रुपए के निचले स्तर पर चला गया था, लेकिन आज 153.95 रुपए पर ट्रेड कर रहा है.
369.20% का शानदार रिटर्न
RVNL ने अपने निवेशकों को अब तक काफी अच्छा रिटर्न दिया है. पिछले 5 कारोबारी सत्रों में ये शेयर 20.32% ऊपर चढ़ा है, एक महीने में यह आंकड़ा 26.05% और छह महीने में 136.39% है. जबकि एक साल में इस शेयर ने 369.20% का शानदार रिटर्न दिया है. RVNL के शेयरों में तेजी का यह रुख उसेमिल रहे बड़े ऑर्डर के चलते है. कंपनी की ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हुई है. हाल ही में RNVL को महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड से 256 करोड रुपए के ऑर्डर मिले हैं. इस ऑर्डर में एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन, एक एलिवेटेड स्टेशन, ईको पार्क और मेट्रो सिटी आदि का निर्माण शामिल है.
कई प्रोजेक्ट्स आए हाथ
कुछ वक्त पहले खबर आई थी कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL को मालदीव में एक अंतर्राष्ट्रीय परियोजना में सफल बोलीदाता घोषित किया गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत UTF (Uthuru Thila Falhu-Island) हार्बर का विकास किया जाएगा. यह भारत सरकार का एक स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट है और इसकी अनुमानित परियोजना लागत 1544.60 करोड़ रुपए है. पिछले साल 4 नवंबर को RVNL को पूर्व मध्य रेलवे के तहत धनबाद डिवीजन से जुड़ा के बड़ा प्रोजेक्ट मिला था. जबकि 20 अक्टूबर को, कंपनी की तरफ से बताया गया था कि उसे एएमसी क्षेत्र पैकेज 2 और 3 में खारीकट नहर के विकास के लिए एक ठेका मिला है, जिसकी कुल लागत 484 करोड़ रुपए है.
कौन हैं कंपनी के क्लाइंट?
RVNL का मुख्य क्लाइंट इंडियन रेलवे है. इसके अलावा, कंपनी के अन्य ग्राहकों में विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारों के मंत्रालय, विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं. आरवीएनएल ने प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से मेट्रो, राजमार्ग और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में भी भाग लेना शुरू कर दिया है. आरवीएनएल ने अपनी FY22 वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि कंपनी गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना लागत नियंत्रण और परियोजनाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रही है. बता दें कि रेल विकास निगम लिमिटेड की स्थापना 2003 में हुई थी.
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