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सुधा मूर्ति ने क्‍यों कहा, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

अगर आप ईमानदार हैं तो आपको बिना किसी की परवाह किए बिना अपने काम में लगे रहना चाहिए, आपको किसी की भी परवाह नहीं करनी चाहिए. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति और उनकी पत्‍नी सुधा मूर्ति इन दो नामों से हर कोई परिचित है. जहां नारायण मूर्ति ने हाल ही में 70 घंटे काम करने की बात कहकर देश में चर्चा शुरू कर दी थी तो अब उनकी पत्‍नी, लेखिका और पद्म भूषण से सम्‍मानित सुधा मूर्ति ने टीवी इंटरव्‍यू के दौरान कहा है कि कुछ तो लोग कहेंगे और लोगों का काम है कहना. सुधा मुर्ति ने ये बात अपनी बेटी अक्षता मूर्ति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को लेकर कही. 

आखिर सुधा मूर्ति ने अपनी बेटी से क्‍यों कही ये बात 
सुधा मूर्ति ने ये बात इंटरव्‍यू के दौरान बताया कि 2022 में अपनी बेटी अक्षता मूर्ति और ब्रिटेन के पीएम और उनके दामाद ऋषि सुनक को एक बात समझाई थी. उन्‍होंने उन्‍हें सलाह देते हुए कहा था कि जनता की राय की परवाह किए बिना किसी का भी काम खुद बोलना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि वो कर्तव्‍यों के प्रति ईमानदारी और समर्पण पर महत्‍व देती हैं कि अगर आप सही हैं तो आपको किसी की चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्‍होंने कहा कि अगर आप अपने देश के प्रति ईमानदारी से काम कर रहे हैं तो लोग जरूर बात करेंगे. उन्‍होंने कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना. 

अपना काम करते रहें
सुधा मूर्ति ने कहा कि जब आप सही काम कर रहे हैं तो बिना घबराए आपको अपना काम करते रहना चाहिए और उन्‍हें बातें करते रहने देना चाहिए. सुधा ने बताया कि ये बात उन्‍होंने 2022 में ये बातें ऋषि सुनक के पीएम पद पर आसीन होने के बाद कही थी जब परिवार के बारे में बातें की जा रही थी. इस इंटरव्‍यू में अपनी बात कहते हुए नारायण मूर्ति ने कहा कि वो अपने दामाद के राजनीतिक रिश्‍तों को लेकर हमेशा ही डिप्‍लोटिक पक्ष लेते हैं. वो किसी भी देश की संप्रभुता का सम्‍मान करते हैं. उन्‍होंने कहा कि वो उनसे अपने व्‍यक्तिगत रिश्‍तों को लेकर संबंध रखते हैं. वो हमेशा ही उनके ऑफिस से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं. 

2009 में हुआ था दोनों का विवाह 
ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक की अक्षता से मुलाकात स्‍टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुई थी. वहीं से मुलाकात के बाद 2009 में दोनों ने विवाह कर लिया. आज उनकी दो बेटियां हैं. 

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