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अधीर रंजन चौधरी ने आखिर क्यों दिया इस्तीफा, क्या हार बनी है वजह?
बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं, इनमें से टीएमसी इस बार 29 सीटें जीतने में कामयाब रही जबकि 12 सीटें बीजेपी ने जीती है. जबकि कांग्रेस एक सीट जीतने में कामयाब रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और 5 बार लोकसभा सांसद सहित कई पदों पर रहने वाले अधीर रंजन चौधरी ने बंगाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. अधीर रंजन चौधरी भी इस बार टीएससी उम्मीद वार यूसूफ पठान से चुनाव हा गए थे. हालांकि उन्होंने उसी वक्त इस पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी जब कांग्रेस टीएमसी से बंगाल में साथ में चुनाव लड़ने की बात कर रही थी. लेकिन तब पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया. लेकिन अभी पार्टी ने उन्हें अपने पद पर बने रहने को कहा है.
लगभग 1 लाख वोटों से हार गए थे चुनाव
अधीर रंजन चौधरी 2019 से लेकर 2024 तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. लेकिन इस बार उनके लोकसभा क्षेत्र मुर्शिदाबाद से टीएमसी ने पूर्व क्रिकेटर यूसूफ पठान को उनके खिलाफ उतार दिया था. दोनों के बीच हुए इस कड़े मुकाबले में अधीर रंजन चौधरी को हार का सामना करना पड़ा था. यूसूफ पठान को 524516 वोट मिले जबकि अधीर रंजन चौधरी को 439494 वोटों से ही संतोष करना पड़ा.
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हमेशा ही टीएमसी के विरोध में रहे हैं अधीर रंजन
अधीर रंजन चौधरी हमेशा ही टीएमसी से गठबंधन के पक्ष में नहीं थे. अधीर रंजन हमेशा से ही टीएमसी के विरोध में रहे हैं. लेकिन ममता से उनके विरोध के साथ अपनी पार्टी से भी इस बार उनके मतभेद सामने आ गए थे. इस बार जब कांग्रेस पार्टी ममता बेनर्जी से गठबंधन को लेकर बात कर रही थी उस वक्त अधीर रंजन चौधरी इसके पक्ष में नहीं थे. अधीर रंजन उस वक्त नाराज हो गए थे जब ममता बेनर्जी ने ये तक कह दिया था कि सबसे पुरानी पार्टी 40 सीट जीतेगी या नहीं ये कहा नहीं जा सकता है. उन्होंने ये भी कहा था कि ममता बेनर्जी बीजेपी से डर गई हैं इसलिए ऐसा कह रही हैं.
इस साल किसने कितनी सीटें जीतीं?
बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं, इनमें से टीएमसी इस बार 29 सीटें जीतने में कामयाब रही जबकि 12 सीटें बीजेपी ने जीती है. जबकि कांग्रेस एक सीट जीतने में कामयाब रही है. बीजेपी को इन चुनावों में 6 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है. इसी तरह अगर 2019 के नतीजों पर नजर डालें तो टीएमसी ने 22 सीटें जीतने में कामयाब रही थी जबकि 18 सीटें टीएमसी ने जीती थी. जबकि 2 सीटें कांग्रेस ने जीती थी.
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