✕

होम / बिजनेस / गिरावट के बावजूद ITC को लेकर बुलिश है ब्रोकरेज फर्म, आखिर क्या है वजह?

गिरावट के बावजूद ITC को लेकर बुलिश है ब्रोकरेज फर्म, आखिर क्या है वजह?

FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्म बुलिश हैं. ITC कवरेज करने वाले 39 में से 35 एनालिस्ट्स ने इसे Buy रेटिंग दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर बाजार (Stock Market) में कल आई गिरावट में FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC के शेयर भी लाल निशान पर बंद हुए. ITC स्टॉक  1.74% लुढ़ककर 466.30 रुपए पर पहुंच गया. हालांकि, ब्रोकरेज फर्म Macquarie इस गिरावट के बावजूद ITC को लेकर बुलिश है. उसका कहना है कि आने वाले समय में यह शेयर 500 रुपए का आंकड़ा पार कर सकता है. 

इतना है Target Price
कल आई गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैप घटकर 5.82 लाख करोड़ रुपए हो गया. ITC स्टॉक का 52-वीक हाई 499.70 रुपए और 52-वीक लो 399.35 रुपए है. इस शेयर ने पिछले एक महीने में 10.16% का रिटर्न दिया है. जबकि बीते 5 दिनों का आंकड़ा 1.49% है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रोकरेज फर्म Macquarie का कहना है कि सिगरेट बिजनेस में ग्रोथ की गुंजाइश होने के चलते ITC के शेयर 535 रुपए के लेवल को छू सकते हैं.  फर्म ने आईटीसी के शेयरों के लिए 535 रुपए का टारगेट प्राइज निर्धारित किया है. यदि कल की क्लोजिंग के हिसाब से देखें तो अभी इस शेयर में 15% की बढ़त मिलने की संभावना है.

तेजी से ग्रोथ संभव 
ब्रोकरेज ने अपने नोट में लिखा है कि ITC के सिगरेट कारोबार में और ग्रोथ की संभावना है.  साथ ही अगले 10 सालों में ITC का नॉन-सिगरेट EBITDA कंपनी के कुल EBIT का 35% से 40% तक बढ़ सकता है. वित्तीय वर्ष 2025 और 2027 के बीच ITC की अर्निंग पर शेयर (EPS) 11 प्रतिशत की CAGR से बढ़ने की उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार, आईटीसी पर कवरेज करने वाले 39 में से 35 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को Buy रेटिंग दी है जबकि दो ने स्टॉक पर 'होल्ड' और 'सेल' की सलाह दी है. बता दें कि ITC के कुल रिवेन्यु में सबसे ज्यादा योगदान उसके सिगरेट बिज़नेस का है. यह ITC की कमाई का मुख्य सोर्स है

तब आई थी ये खबर
इस साल की शुरुआत में खबर आई थी कि ITC को अपने सबसे बड़े शेयरधारक ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (BAT) अपनी हिस्सेदारी घटाने की योजना बना रही है. BAT सिगरेट से लेकर होटल कारोबार में शामिल ITC में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकती है. दरअसल, ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है और उसके लिए वह ITC में अपनी शेयरहोल्डिंग घटा सकती है. BAT की ITC में हिस्सेदारी 2022 में 29.19 प्रतिशत से घटकर 2023 में 29.02 प्रतिशत हो गई थी. ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको 1990 के दशक की शुरुआत से ITC की निवेशक रही है. इस साल फरवरी तक उसके पास ITC में 29% से अधिक हिस्सेदारी थी. पिछले साल दिसंबर में BAT की तरफ से ITC में आंशिक हिस्सेदारी बेचने के संकेत दिए गए थे. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

22 hours ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

23 hours ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

23 hours ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

1 day ago

मध्य प्रदेश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में ₹6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, 18 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) देश में दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है.

1 day ago


बड़ी खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

22 hours ago

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत और पाबंदियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

18 hours ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

23 hours ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

23 hours ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

1 day ago