होम / एक्सप्लेनर / एक साथ इंडिगो के कई कर्मचारी कैसे हुए ‘बीमार’ और क्या होगा कंपनी पर असर?
एक साथ इंडिगो के कई कर्मचारी कैसे हुए ‘बीमार’ और क्या होगा कंपनी पर असर?
इंडिगो के साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसकी एक दो नहीं बल्कि पूरी 900 फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर सकीं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
टाटा के हाथ में आते ही एयर इंडिया के दिन फिर गए हैं, वो भी इस कदर कि नंबर वन एयरलाइन छोड़कर कर्मचारी एयर इंडिया का रुख कर रहे हैं. इसी के चलते इंडिगो के साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसकी एक दो नहीं बल्कि पूरी 900 फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर सकीं. इस एक घटना ने कंपनी को हिलाकर रख दिया है. साथ ही उसे यह भी अहसास हो गया है कि एविएशन सेक्टर में बढ़त बनाए रखने के लिए उसे अपने कर्मचारियों का विश्वास बनाए रखना होगा.
हर रोज 1600 से उड़ानें
चलिए पहले पूरा मामला समझ लेते हैं, फिर जानेंगे कि आखिर इंडिगो के लिए ऐसी नौबत आई ही क्यों. दरअसल, इंडिगो के कई कर्मचारी एक साथ सिक लीव पर चले गए. जिसकी वजह से लगभग 55% फ्लाइटों पर इसका असर पड़ा. कई ने देर से उड़ान भरी, तो कुछ को रद्द करना पड़ा. बता दें कि इंडिगो रोजाना 1,600 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का ऑपरेशन करती है. कंपनी की एविएशन सेक्टर में घाक है और वो सेक्टर का एक बड़ा हिस्सा कवर करती है.
वॉक-इन इंटरव्यू
इंडिगो के एक साथ कई कर्मचारी वास्तव में बीमार थे या नहीं, ये वही बता सकते हैं, लेकिन जो खबरें सामने आ रही हैं उसके अनुसार ‘बीमार’ क्रू मेंबर्स ने एयर इंडिया के वॉक-इन इंटरव्यू में शिरकत की थी. टाटा की इस कंपनी ने कई शहरों में वॉक-इन इंटरव्यू रखा था. अब जब एक साथ कई कर्मचारी छुट्टी पर चले जाएंगे, तो कंपनी के कामकाज पर असर पड़ना लाजमी है, नतीजतन 900 उड़ानें देरी से उड़ान भर सकीं.
क्या होगा घटना का असर?
इंडिगो को समय की पाबंद एयरलाइन माना जाता है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA की एक रिपोर्ट इसकी पुष्टि भी करती है. रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉरमेंस (OTP) रेट 93.9% रहा, जो सबसे अच्छा था. ऐसे में इस तरह की घटना कंपनी की इमेज के लिए धक्के के समान है. 900 फ्लाइट्स में देरी के चलते कितने यात्रियों को परेशान होना पड़ा होगा अंदाजा लगाया जा सकता है. कारण भले ही जो भी हो, लेकिन अगली बार इंडिगो से टिकट बुक कराने से पहले वो इस घटना को याद ज़रूर करेंगे.
क्या चल रहा है इंडिगो में?
अब समझते हैं कि आखिर इंडिगो में चल क्या रहा है? एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो प्रबंधन को लेकर कमर्चारियों में असंतोष बढ़ा है. इसकी कई वजह हैं, जिसमें से एक है कोरोना महामारी के दौरान कर्मचारियों की सैलरी में कटौती. इंडिगो देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी है. कोरोना से पहले तक वो एकमात्र एयरलाइंस थी जो मुनाफे में चल रही थी. हालांकि, अप्रैल से हालात कुछ खराब होने लगे. इंडिगो के कर्मचारियों को लगता है कि कंपनी उनके हितों का ख्याल नहीं रख रही है. शायद इसीलिए वे दूसरी एयरलाइन्स में नौकरी तलाश रहे हैं.
एयर इंडिया ही क्यों?
सवाल यह भी उठता है कि एयर इंडिया ही क्यों? इसका जवाब बेहद आसान है, टाटा के हाथ में आते ही एयरलाइन्स के प्रदर्शन में सुधार. टाटा ग्रुप के बारे में माना जाता है कि वो कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं का पूरा ख्याल रखता है. टाटा के टेकओवर के बाद एयर इंडिया का ऑन-टाइम परफॉरमेंस (OTP) रेट पहले से बेहतर हुआ है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद, इन 4 मेट्रो एयरपोर्ट्स से एयर इंडिया के डिपार्चर पैटर्न पर आधारित यह रिपोर्ट बताती है कि मार्च में एयरलाइन्स का OTP 91.2% रहा. जबकि अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 202 1 में ये क्रमश: 75.1, 67.9, 71.7 प्रतिशत था इसके अलावा, टिकट कैंसिलेशन के मामले में भी एयर इंडिया का रिकॉर्ड पहले से काफी बेहतर रहा.
टैग्स