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5 Days Banking पर क्या है देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के चेयरमैन का कहना?
बैंक कर्मी पिछले काफी समय से हर शनिवार को छुट्टी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बैंक कर्मचारियों की 5-डेज बैंकिंग (5 Days Banking) की मांग लंबे समय से लंबित है. कई बार खबर आई कि सरकार इस पर मुहर लगाने जा रही है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) के चेयरमैन की इस मुद्दे पर टिप्पणी के बाद यह विषय फिर से फोकस में आ गया है. बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे ने काफी जोर पकड़ा था. मार्च में खबर आई थी कि बैंकों को हर शनिवार-रविवार को बंद रखने के प्रस्ताव पर सरकार सहमत हो गई है और वित्त मंत्रालय किसी भी पल इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है, मगर आज तक ऐसा नहीं हुआ है.
नहीं दिया कोई सीधा जवाब
हाल ही में SBI के चेयरमैन दिनेश खारा से इस संबंध में सवाल पूछा गया. उनसे पूछा गया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा हफ्ते में 5 दिनों के कामकाज की मांग को लेकर क्या अपडेट है? हालांकि, एसबीआई चेयरमैन ने इस सवाल का जवाब टाल गए. उनका कहा कि यह इस मीटिंग का मुद्दा नहीं है. भले ही देश के सबसे बड़े बैंक के चेयरमैन ने बैंकर्स की इस मांग पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन यह मुद्दा एक बार फिर से फोकस में आ गया है.
यूनियन से भी हैं नाराज
बैंक कर्मचारियों की यूनियन का इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के साथ मार्च में एक समझौता हुआ था. इसके बाद यूनियन ने कहा था कि बैंक कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी और महीने के हर शनिवार को छुट्टी की मांग जल्द पूरी होने वाली है. लेकिन बैंक कर्मियों की दूसरी मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है. बैंकर्स इसके लिए यूनियन लीडर्स को भी कुसूरवार मान रहे हैं. उनका मानना है कि यूनियन ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना बंद कर दिया है.
कामकाज नहीं होगा प्रभावित
ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) सरकार को पहले ही आश्वासन दिला चुकी है कि 5-डेज वर्किंग से बैंकों का कामकाज प्रभावित नहीं होगा. उसने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA)को बाकायदा इस संबंध में पूरा खाका भी सौंपा था. उसने कहा था कि रोजाना काम के घंटों को बढ़ाकर हफ्ते में 5 दिन काम की पॉलिसी लागू की जा सकती है. AIBEA के मुताबिक, बैंकों में काम का प्रस्तावित समय सुबह 9.15 बजे से शाम 4.45 बजे तक रखा जाए, जो अभी तक सुबह 9:45 बजे से शाम 4:45 बजे है. बैंकों में कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े कार्यों को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे और गैर-कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े कामकाज को दोपहर 2 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक किया जाए. इस तरह, शनिवार की अतिरिक्त छुट्टी से बैंकों का कामकाज प्रभावित नहीं होगा.
इन कंपनियों का दिया हवाला
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में काम का बोझ काफी बढ़ गया है. जब LIC सहित कई कंपनियां हफ्ते में 5 दिन कामकाज की पॉलिसी अपना रही हैं, तो बैंकों में भी इसे अमल में लाया जा सकता है. सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में सवाल पूछा गया है कि जब वित्तीय सेवाएं विभाग, RBI, LIC, CVC, SEBI, BSE, NSE, IRDAI, केंद्र-राज्य सरकार के सभी कार्यालयों, मंत्रालयों और NABARD में हफ्ते में 5 दिन कामकाज की नीति लागू है, तो फिर बैंकों में क्यों नहीं. उनका कहना है कि बैंकों में कामकाज लगातार बढ़ रहा है. सरकार की हर योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी बैंकों पर होती है, इसके बावजूद हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
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