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क्यों हो गई भारतीय न्यूज चैनल्स की हालत खस्ता! क्या रहे बड़े कारण?

जानकारों का कहना है कि विज्ञापनों को लेकर ये ट्रेंड पहले भी देखने को मिला है. इससे पहले 2020, 2021, और अब 2022 में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है.   

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

दीपावली के बाद जहां कई तरह के कारोबार में कमी आ जाती है, वहीं इससे टीवी इंडस्‍ट्री भी नहीं छूटी हुई है. दीपावली के बाद न्‍यूज चैनल्‍स पर चलने वाले  विज्ञापनों में भी 20 प्रतिशत की कमी देखी जा रही है. एक्‍सपर्ट का कहना है कि ये एक तरह का सामान्‍य ट्रेंड है कि दीपावली के बाद ऐसा होता ही है. एक्‍सपर्ट बताते हैं कि इसके पीछे भी एक बड़ी वजह होती है.


आखिर क्‍या है इसके पीछे की वजह 
एक्‍सपर्ट का कहना है कि दीपावली के बाद अक्‍सर ऐसा देखा जाता है कि न्‍यूज चैनलों पर विज्ञापनों में कमी आ जाती है. अगर आंकड़ों में इस कमी को आंकना हो तो ये कोई 20 प्रतिशत तक की कमी होती है, जिसका सामना न्‍यूज चैनल्‍स हर साल करते हैं. एक्‍सपर्ट का कहना है कि इसके पीछे की वजह ये होती है कि त्‍योहारों के समय सभी कंपनियां अपने प्रोडक्‍ट को लेकर बंपर विज्ञापन निकालती हैं. जबकि दीपावली के बाद से साल के आखिरी तक वो अपने विज्ञापनों को बहुत सीमित कर देती हैं, जिसके कारण ये कमी देखी जाती है. TAM का डेटा बताता है कि अक्‍टूबर 2022 के मुकाबले नवंबर में 2022 में न्‍यूज चैनलों पर विज्ञापनों में 20 प्रतिशत की कमी हुई है. 


क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट
इस मामले को लेकर एबीपी न्‍यूज की सीआरओ मोना जैन कहती है कि दीपावली के समय ये हर साल अपने पीक पर पहुंच जाता है जबकि दीवाली के बाद ये डाउन हो जाता है. क्‍योंकि ज्‍यादातर टीवी पर विज्ञापन देने वाली वो कंपनियां होती हैं, जिनके लिए त्‍योहार ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण होते हैं. ऐसा ही पैटर्न इस साल भी देखने को मिल रहा है. कुछ ऐसा ही इस साल भी देखने को मिला. दीपावली के बाद इसमें गिरावट होनी शुरू हुई और नवंबर में काफी स्‍लो हो गया है. लेकिन वो उम्‍मीद जताती है कि ये दिसंबर में एक बार फिर से बाउंस बैक होगा. वो कहती हैं कि इससे पहले 2020, 2021, 2022 और उसके बाद अब 2022 में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है. अगर हम टैम के लास्‍ट साल के डेटा को देखें तो 2021 अक्‍टूबर में औसत विज्ञापन  शेयर 99 प्रतिशत रहा जबकि नवंबर में ये 79 प्रतिशत रहा. ये गौर करने वाली बात है कि पिछले साल दीपावली नवंबर फर्स्‍ट वीक में थी. 


क्‍या मंदी है इसकी वजह 
NDTV के सेल्‍स हेड नॉर्थ ईस्‍ट गौरव श्रीवास्‍तव बताते हैं कि ज्‍यादातर एड कंपनियों ने अपने खर्चों मे कमी कर दी है. उन्‍होंने ये कदम कच्‍चे माल में बढ़ोतरी के कारण उठाया है. इसके चलते उन्‍होंने अपने एड मनी में कटौती कर दी है. हालांकि कई जानकार इसकी एक वजह टीवी व्‍यूवरशिप में कमी को भी बता रहे हैं. जबकि गौरव श्रीवास्‍तव ऐसा नहीं मानते हैं. वो कहते हैं कि कई एड कंपनियों ने अपना पैसा डिजिटल मीडिया की तरफ शिफ्ट कर दिया है. इनकी संख्‍या काफी कम है जबकि ज्‍यादातर लोग अभी भी टीवी पर ही पैसा लगा रहे हैं.


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