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क्या है डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन? इस योजना के तहत 2,817 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की घोषणा की है. इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने और उनकी इनकम में इजाफा करने के लिए सरकार डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (Digital Agriculture Mission) लेकर आई है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी जानकारियां और तरह-तरह की सेवाएं प्रदान करना है. इसके लिए सरकार ने 2,817 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी भी दे दी है. तो आइए जानते हैं क्या है डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और इससे किसानों को कैसे फायदा होगा?
क्या है डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन?
केंद्र सरकार ने किसानों की इनकम को बढ़ाने के उद्देश्य से डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की घोषणा की है. डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करके किसानों की आय बढ़ाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना है. इस मिशन के तहत सरकार ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए 2,817 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दे दी है.
किसानों को मिलेगी ये सुविधा
इस मिशन के माध्यम से भारत के किसानों को कृषि से संबंधित अलग अलग जानकारियां जैसे मौसम की भविष्यवाणी, बीज की गुणवत्ता, कीटनाशकों का उपयोग और बाजार की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कराई जाएगी. वहीं, किसान ID के माध्यम से किसानों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी जमीन, फसल और लाभार्थी योजनाओं की जानकारी शामिल होगी. इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा और उन्हें किसी प्रकार की कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी.
किसानों को ऐसे होगा फायदा
1. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिये किसानों को उनकी फसलों, मिट्टी की गुणवत्ता, और मौसम की जानकारी वास्तविक समय में मिलेगी.
2. बेहतर डेटा और डिजिटल साधनों के माध्यम से फसल बीमा दावों का निपटान अधिक सटीक और तेजी से हो सकेगा.
3. इसके अलावा, किसान आसानी से क्रेडिट कार्ड-लिंक्ड फसल ऋण प्राप्त कर सकेंगे.
4. इस योजना के माध्यम से किसानों का पूंजी निवेश बढ़ेगा, रोजगार पैदा होगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी.
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यहां से होगी किसान आईडी बनाने की शुरुआत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किसान ID के निर्माण के लिए पायलट परियोजनाएं छह जिलों, फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश), गांधीनगर (गुजरात), बीड (महाराष्ट्र), यमुनानगर (हरियाणा), फतेहगढ़ साहिब (पंजाब), और वीरुधुनगर (तमिलनाडु) में की गई हैं. सरकार का लक्ष्य 11 करोड़ किसानों के लिए डिजिटल पहचान बनाने का है, जिनमें से 6 करोड़ किसान वर्तमान (2024-25) वित्तीय वर्ष में शामिल किए जाएंगे, अगले 3 करोड़ किसान 2025-26 में, और शेष 2 करोड़ किसान 2026-27 में शामिल किए जाएंगे.
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