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पश्चिम एशिया तनाव: सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश जारी किया
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एलपीजी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य तत्व प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री की ओर न मोड़ा जाए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में रसोई गैस की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को गैस की कमी से बचाना है.
रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
सरकार ने देश की सभी तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है. निर्देश के अनुसार रिफाइनरियां अधिकतम उत्पादन करें और गैस की आपूर्ति सबसे पहले घरेलू बाजार में सुनिश्चित करें. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है.
केवल तीन सरकारी कंपनियों को बेचनी होगी गैस
रिपोर्ट के मुताबिक जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि रिफाइनरियां एलपीजी केवल तीन सरकारी तेल कंपनियों को ही बेचें. इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड शामिल हैं. इन कंपनियों के जरिए ही गैस की सप्लाई देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाएगी.
समुद्री मार्गों पर बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों पर भी असर पड़ने की आशंका है. खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया भर में बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. यदि इस मार्ग में कोई बाधा आती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है.
प्रोपेन-ब्यूटेन के इस्तेमाल पर भी रोक
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एलपीजी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य तत्व प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री की ओर न मोड़ा जाए. इसके साथ ही तेल कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि गैस की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचे.
भारत की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से
भारत में एलपीजी का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन देश अभी भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. भारत लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से मंगाता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव या समुद्री मार्गों में रुकावट का असर सप्लाई पर पड़ सकता है.
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
सरकार का मानना है कि यह कदम उठाने से वैश्विक संकट की स्थिति में भी देश में रसोई गैस की उपलब्धता बनी रहेगी. इससे करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और खाना पकाने के लिए जरूरी एलपीजी की सप्लाई सुरक्षित रहेगी.
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