होम / बिजनेस / भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का स्वागत, मोदी, गोयल और जयशंकर ने बताया ऐतिहासिक करार
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का स्वागत, मोदी, गोयल और जयशंकर ने बताया ऐतिहासिक करार
शुल्क में कटौती, बाजार पहुंच में सुधार और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देकर यह करार भारतीय निर्यात, रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस करार को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई और कई प्रमुख सेक्टरों को नया अवसर मिलेगा. इस समझौते के तहत दोनों देशों ने शुल्क में कटौती और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.
भारत-अमेरिका साझेदारी में नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह ढांचा भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती गहराई, भरोसे और गतिशीलता को दर्शाता है. उन्होंने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के योगदान के लिए भी आभार जताया. पीएम मोदी के अनुसार यह समझौता मेक इन इंडिया पहल को मजबूती देगा और किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स और मछुआरों के लिए नए अवसर खोलेगा. साथ ही इससे महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते बनेंगे.
भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाजार का प्रवेश द्वार बताया. उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, ऑर्गेनिक केमिकल्स और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान सेक्टरों को बड़ा फायदा होगा.
पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के तहत कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को शुल्क बदलाव से सुरक्षित रखा गया है. उनके मुताबिक इस करार से लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
निर्यात और मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस अंतरिम व्यापार समझौते को पारस्परिक रूप से लाभकारी करार दिया. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और नए अवसर मिलेंगे. जयशंकर के अनुसार यह समझौता मेक इन इंडिया अभियान को और मजबूत करेगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में नए आयाम खोलेगा.
शुल्क में कटौती से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
अंतरिम ढांचे के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है. पहले यह दर इससे अधिक थी. माना जा रहा है कि इस फैसले से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी. वहीं भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों से जुड़े कुछ गैर-शुल्क अवरोधों को दूर करने और बाजार पहुंच व मानकों की मान्यता पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करने का भरोसा दिया है.
व्यापक व्यापार समझौते की ओर पहला कदम
सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह अंतरिम समझौता आने वाले समय में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी बीटीए की नींव रखता है. दोनों देशों ने इस ढांचे को जल्द लागू करने और इसके आधार पर व्यापार को और विस्तार देने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
टैग्स India–US trade deal