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Voda-Idea की कम नहीं हो रही मुश्किलें, अब GST विभाग से मिला करोड़ों रुपये का टैक्स नोटिस!

Voda-Idea कंपनी पहले से ही कई दिक्कतों का सामना कर रही है. ऐसे में अब GST विभाग से टैक्स नोटिस मिलने के बाद कंपनी पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

वोडाफोन- आइडिया (Voda-Idea) के ऊपर एक के बाद एक मुसीबतों का पहाड़ टूट रहा है. आर्थिक तंगी से जूझ रही वोडा-आईडिया को अब देश के गुड्स एवं सर्विस टैक्स (GST) डिपार्टमेंट ने करोड़ों रुपये का टैक्स नोटिस भेज दिया है. कंपनी को ये टैक्स नोटिस मिलने से गहरा झटका लगा है. चलिए जानते हैं वोडा-आईडिया को कितना और क्यों ये टैक्स नोटिस भेजा गया है?

GST डिपार्टमेंट भेजा इतने करोड़ा का टैक्स नोटिस
देश के गुड्स एवं सर्विस टैक्स (GST) डिपार्टमेंट ने कंपनी को 15.29 करोड़ रुपये का टैक्स भरने का नोटिस भेजा है. इतना ही नहीं कंपनी पर 1.51 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

इसलिए मिला टैक्स नोटिस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जीएसटी विभाग के अनुसार वोडाफोन-आइडिया ने जीएसटी के तहत मिलने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट बेनेफिट का गलत ढंग से लाभ उठाया है, इसलिए कंपनी को 15.19 करोड़ रुपये के पेमेंट का आदेश दिया गया है. आईटीसी के इस गलत इस्तेमाल के लिए कंपनी पर 1.51 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. आपको बता दें, वोडाफोन-आइडिया पहले से फंड संबंधी कई दिक्कतों का सामना कर रही है. कंपनी ने हाल में 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है.

कंपनी ने क्या कहा?
वोडाफोन आइडिया ने शेयर मार्केट फाइलिंग को दी जानकारी में बताया है कि उसे ये पैसा चुकाने का ऑर्डर जीएसटी के पटना ऑफिस से मिला है. कंपनी का टैक्स चुकाने का ये मामला अभी का नहीं है, बल्कि यह जुर्माना वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में एलिजिबल नहीं होने के बाद भी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा उठाने के लिए लगाया है. कंपनी का कहना है कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इस पर उचित कानूनी कार्यवाही करेगी.

क्या होता है इनपुट टैक्स क्रेडिट?

आपको बता दें, जीएसटी की व्यवस्था में इनपुट टैक्स क्रेडिट की छूट मिलती है. इनपुट टैक्स क्रेडिट या आईटीसी वह टैक्स है जो कोई व्यवसाय खरीद और बिक्री पर चुकाता है. जिसका उपयोग वह बिक्री करते समय अपनी टैक्स देयता को कम करने के लिए कर सकता है. दूसरे शब्दों में, व्यवसाय खरीद पर भुगतान किए गए जीएसटी की सीमा तक क्रेडिट का दावा करके अपनी टैक्स देयता को कम कर सकते हैं.
 


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