होम / बिजनेस / Voda-Idea को मिली 20,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी, घाटे से उबरने की कोशिश
Voda-Idea को मिली 20,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी, घाटे से उबरने की कोशिश
Vodafone-Idea की स्थिति इस समय काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. लगातार बढ़ते घाटे और घटते ग्राहकों के बीच कंपनी को मजबूती देने के लिए फंड जुटाने का फैसला लिया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
लगातार घाटे में चल रही टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone-Idea) को अपने संचालन को सुचारू करने और नेटवर्क विस्तार के लिए बड़ी राहत मिली है. कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 20,000 करोड़ रुपये तक की फंडिंग जुटाने को मंजूरी दे दी है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कंपनी की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.
नेट लॉस में बढ़ोतरी, सब्सक्राइबर भी घटे
मार्च तिमाही में वोडाफोन आइडिया का नेट लॉस 6609 करोड़ रुपये से बढ़कर 7166 करोड़ रुपये हो गया है. इसके साथ ही कंपनी लगातार अपने सब्सक्राइबर्स को खो रही है. दिसंबर 2023 में पहली बार कंपनी के ग्राहकों की संख्या 200 मिलियन से नीचे आई और मार्च 2024 में घटकर 198.20 मिलियन रह गई.
4G और 5G नेटवर्क पर फोकस
कंपनी ने कहा है कि जुटाई गई फंडिंग का उपयोग 4G और 5G नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा. इससे ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और खोए हुए सब्सक्राइबर्स को वापस लाने की कोशिश की जाएगी. वोडाफोन आइडिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह यह मूल्यांकन कर रही है कि यह राशि इक्विटी, डेट या अन्य माध्यमों से जुटाई जाए.
फाइनेंशियल स्थिति पर ऑडिटर्स की चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के ऑडिटर्स SR Batliboy and Associates ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति गंभीर है और इससे नकदी प्रवाह पर असर पड़ा है. हालांकि, कंपनी के टॉप मैनेजमेंट का कहना है कि ग्राहकों के नुकसान की रफ्तार में कमी आई है और प्रति ग्राहक राजस्व (ARPU) में भी सुधार देखा गया है.
5G विस्तार के बावजूद प्रतिस्पर्धा कड़ी
वोडाफोन आइडिया ने इस तिमाही में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चंडीगढ़ और पटना जैसे शहरों में 5G सेवाएं शुरू की हैं. कंपनी की योजना है कि जहां-जहां 5G स्पेक्ट्रम उपलब्ध हैं, उन 17 सर्कल्स में सेवाएं शुरू की जाएं. हालांकि, रिलायंस जियो और एयरटेल जैसी मजबूत प्रतिस्पर्धी कंपनियों की मौजूदगी के बीच वोडाफोन आइडिया के लिए बाजार में अपनी पैठ बनाना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.
हालांकि, टेलीकॉम बाजार में पहले से मौजूद बड़े खिलाड़ियों के सामने खुद को स्थापित करना कंपनी के लिए आसान नहीं होगा. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी फंडिंग के माध्यम से अपने नेटवर्क और सेवाओं को कितना बेहतर बना पाती है और क्या वह उपभोक्ताओं का भरोसा दोबारा जीत पाती है.
टैग्स