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वितास्ता कौल ने Hoopr के CMO पद से इस्तीफा दिया, अब उद्यमिता की राह पर
Hoopr से पहले, कौल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में लगभग दो दशकों तक मार्केटिंग, ब्रांड स्ट्रैटेजी और डिजिटल ग्रोथ में नेतृत्व की भूमिका निभाई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत की तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकोनॉमी के लिए काम करने वाले म्यूजिक लाइसेंसिंग प्लेटफॉर्म Hoopr की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर वितास्ता कौल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम से संकेत मिलते हैं कि वह अब उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा सकती हैं. उनके कार्यकाल ने Hoopr के मार्केटिंग दृष्टिकोण को आकार देने और प्लेटफॉर्म की क्रिएटर और ब्रांड इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उद्योग सूत्रों के अनुसार, अब वह स्वतंत्र उद्यम या शुरुआती और ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स के साथ रणनीतिक मार्केटिंग पार्टनर के रूप में काम करने की संभावना तलाश रही हैं.
उनके योगदान से Hoopr की ब्रांड दृश्यता बढ़ी और लाइसेंस प्राप्त संगीत, कॉपीराइट जागरूकता और कलाकारों के लिए उचित मुद्रीकरण के मुद्दों पर उद्योग बातचीत में सक्रिय भागीदारी हुई. प्लेटफॉर्म को संगीत लेबल्स, स्वतंत्र कलाकार, ब्रांड्स और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच सेतु के रूप में स्थापित किया गया.
कौल का अनुभव
कौल ने अपने Hoopr के कार्यकाल को अपनी पेशेवर यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक बताया. उन्होंने कहा, “Hoopr में शामिल होना मेरी पांचवीं स्टार्टअप यात्रा थी और यह मेरे करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक रहा. भारत में उत्पादित संगीत की विशाल मात्रा और क्रिएटर इकोनॉमी की तेज बढ़ती मांग ने हमें तेज़ सोचने, जल्दी कदम उठाने और सतर्क रहने की आवश्यकता दी.”
उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक कंटेंट इकोसिस्टम से जुड़े प्लेटफॉर्म पर काम करना उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा. “आज संगीत सोशल मीडिया, शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट, ब्रांड कैम्पेन, OTT शो, फिल्म और बड़े पैमाने के सिंक डील्स तक सब कुछ चलाता है. एक ऐसे प्लेटफॉर्म पर काम करना जो इन सभी हिस्सों के केंद्र में है, ब्रांड्स को सही संगीत खोजने में मदद करना और स्वतंत्र कलाकारों को उचित दृश्यता और पारिश्रमिक सुनिश्चित करना, यह अनुभव प्रेरणादायक और सीखने योग्य रहा.”
भविष्य की योजनाएँ
Hoopr से पहले, कौल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में लगभग दो दशकों तक मार्केटिंग, ब्रांड स्ट्रैटेजी और डिजिटल ग्रोथ में नेतृत्व की भूमिका निभाई है. उन्होंने एडटेक, डिजाइन, फूड एंड बेवरेज, ऑटोमोबाइल और म्यूजिक एवं एंटरटेनमेंट जैसे उद्योगों में स्टार्टअप्स को ब्रांड और मार्केट पोजिशनिंग में स्केल करने में मदद की. उन्होंने संकेत दिया कि उनका अगला चरण स्वतंत्र कंसल्टिंग और विभिन्न उद्योगों के फाउंडर्स के साथ सहयोग हो सकता है. “मैंने देखा है कि अलग-अलग उद्योगों में मार्केट कैसे विकसित होती है और उपभोक्ता किस तरह व्यवहार करते हैं. इसका अनुभव मुझे सिखाता है कि विकास के लिए कोई एक-सा समाधान नहीं है. मैं अब स्वतंत्र रूप से काम करना चाहती हूँ, शुरुआती और ग्रोथ-स्टेज फाउंडर्स के साथ साझेदारी कर उन्हें सोच-समझ कर, उनके कॉन्टेक्स्ट के अनुसार मार्केटिंग रणनीतियाँ बनाने में मदद करना चाहती हूँ.”
भारतीय क्रिएटर इकोनॉमी में बदलते अवसर
कौल का Hoopr छोड़ना ऐसे समय में हुआ है जब भारत की क्रिएटर इकोनॉमी और म्यूजिक लाइसेंसिंग प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं. प्लेटफॉर्म्स अब क्रिएटर्स को लाइसेंस प्राप्त संगीत तक पहुंच प्रदान करने और राइट्स होल्डर्स को उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
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